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जब भारतीय ओपनर ने बनाया टेस्ट क्रिकेट का सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड ‘कैरिंग द बैट’, 289 गेंद पर बनाए 145 नाबाद रन

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जब भारतीय ओपनर ने बनाया टेस्ट क्रिकेट का सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड ‘कैरिंग द बैट’

Last Updated:August 21, 2026, 14:29 IST

cheteshwar pujara record: साल 2015 में श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिहंली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) की हरी और सीमिंग पिच पर कुछ ऐसा ही करिश्मा देखने को मिला था. नियमित ओपनर मुरली विजय के अचानक चोटिल होने के कारण, टीम के संकटमोचक चेतेश्वर पुजारा को ओपनिंग की कमान सौंपी गई. पुजारा ने न सिर्फ उस चुनौतीपूर्ण सीमिंग ट्रैक पर श्रीलंकाई गेंदबाजों के हौसले पस्त किए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड्स में से एक’कैरिंग द बैट’ को भारत के नाम कर दिया.जब भारतीय ओपनर ने बनाया टेस्ट क्रिकेट का सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड 'कैरिंग द बैट'Zoomसिहंली स्पोर्ट्स क्लब कोलंबो में चेतेश्वर पुजारा ने बनाया ता कैरिंग द बैट का रिकॉर्ड, बतौर ओपनर बनाए थे नाबाद 145 रन

नई दिल्ली. रविवार को जब भारतीय टीम कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में मैच खेलने उतरेगी तो कॉमेंट्री बॉक्स में बैठा एक शक्स इस मैदान पर बने उस रिकॉर्ड को खुद याद करेगा जो उसने 11 साल पहले खुद बनाया था. हालात ने इस बल्लेबाज को ओपनर बना दिया और फिर बतौर सलामी बल्लेबाज उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उस मैच में खेल रहे अजिंक्य रहाणे भी उस पारी को आज तक नहीं भूले है जो कॉमेंट्री बॉक्स में उनके साथ मौजूद रहेंगे.

क्रिकेट की अनिश्चितताओं के बीच जब कोई खिलाड़ी अपनी मूल भूमिका से इतर, टीम की मजबूरी में एक ऐसी जिम्मेदारी संभालता है जो इतिहास बन जाए, तो उसे युगों-युगों तक याद रखा जाता है. साल 2015 में श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिहंली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) की हरी और सीमिंग पिच पर कुछ ऐसा ही करिश्मा देखने को मिला था. नियमित ओपनर मुरली विजय के अचानक चोटिल होने के कारण, टीम के संकटमोचक चेतेश्वर पुजारा को ओपनिंग की कमान सौंपी गई. पुजारा ने न सिर्फ उस चुनौतीपूर्ण सीमिंग ट्रैक पर श्रीलंकाई गेंदबाजों के हौसले पस्त किए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड्स में से एक’कैरिंग द बैट’ को भारत के नाम कर दिया.

कोलंबो टेस्ट 2015: पुजारा की वो ‘नॉट आउट’ मैराथन पारी

सीरीज का तीसरा और निर्णायक टेस्ट मैच, पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए भरपूर मदद और सामने धुआंधार गेंदबाजी आक्रमण. ऐसे माहौल में पुजारा ने पिच पर लंगर डाल दिया. उन्होंने 289 गेंदों का सामना करते हुए 145 रनों की नाबाद ऐतिहासिक पारी खेली. एक तरफ जहां भारतीय बल्लेबाज आते-जाते रहे, वहीं पुजारा चट्टान की तरह एक छोर पर डटे रहे. जब टीम इंडिया की पहली पारी 312 रनों पर सिमटी, तब पुजारा नाबाद पवेलियन लौटे.उनकी इसी जुझारू पारी की बदौलत भारत ने वह मैच और सीरीज दोनों अपने नाम की थी.

क्या होता है ‘कैरिंग द बैट’ रिकॉर्ड?

क्रिकेट की भाषा में जब कोई ओपनिंग बल्लेबाज (सलामी बल्लेबाज) मैच की पहली गेंद खेलने उतरता है और पूरी टीम के ऑल-आउट होने तक क्रीज पर डटा रहता है यानी अंत तक आउट नहीं होता तो उसे ‘कैरिंग द बैट’ कहा जाता है. यह रिकॉर्ड किसी भी बल्लेबाज की तकनीक, एकाग्रता और मानसिक मजबूती की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है.टेस्ट क्रिकेट के 150 से अधिक वर्षों के इतिहास में भारत की तरफ से यह कारनामा केवल 4 बल्लेबाजों ने अंजाम दिया है. 1983 में सुनील गावस्कर ) 2008 में वीरेंद्र सहवाग 2011 में राहुल द्रविड़ और 2013 में चेतेश्वर पुजारा ये कारनामा कर पाएं है. मजे की बात ये है कि इन चारों में सुनील गावस्कर ही प्योर ओपनर थे बाकी को हालात की वजह से ओपनर बनना पड़ा.

About the AuthorRajeev MishraAssociate editor

राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …

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New Delhi,Delhi

First Published :

August 21, 2026, 14:29 IST

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