Rajasthan

Bundi Hospital Negligence | Mother Dies After Cesarean Delivery in Bundi MCH

Last Updated:August 21, 2026, 14:46 IST

Bundi Hospital News: बूंदी जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई (MCH) में इलाज के दौरान प्रसूता सोनिया की मौत हो गई, जिससे 1 महीने में यह दूसरा मामला सामने आया है. सिजेरियन ऑपरेशन के बाद लगातार ब्लीडिंग होने और हालत बिगड़ने पर उसे कोटा रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई. मृतका के पति राजू ने डॉ. मोबीन अख्तर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है. कोटा के डॉक्टरों के अनुसार बच्चेदानी में कट व किडनी फेल होने से मौत हुई. पीएमओ ने जांच कमेटी बनाई है.

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Bundi: एक महीने में दूसरी प्रसूता की मौत, सिजेरियन के बाद इलाज पर उठे सवालZoomबूंदी जिला अस्पताल में लापरवाही का आरोप: सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत, 1 महीने में दूसरा मामला

Bundi: राजस्थान के बूंदी जिले के मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई (MCH) जिला अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाली खबर सामने आई है. अस्पताल में इलाज के दौरान एक और प्रसूता की मौत हो गई. बीते एक महीने के भीतर इस अस्पताल में प्रसूता की मौत का यह दूसरा मामला है, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

जानकारी के अनुसार गैंडोली निवासी प्रसूता सोनिया अपने पीहर आई हुई थी. प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन उसे तुरंत बूंदी के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन (ऑपरेशन से डिलीवरी) कर डिलीवरी कराई, जिसके बाद सोनिया ने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया. हालांकि परिजनों का आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद लगे टांकों से लगातार ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होती रही. सही समय पर ध्यान न दिए जाने के कारण उसका ब्लड प्रेशर (BP) तेजी से गिर गया और हालत अत्यंत गंभीर हो गई. प्रसूता की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसे कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

परिजनों का डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप और एफआईआरमृतका के पति राजू और परिजनों ने MCH इकाई में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मोबीन अख्तर और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट दी है. पति राजू का कहना है कि कोटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि यदि बूंदी अस्पताल में समय रहते उचित इलाज और देखभाल मिल जाती, तो सोनिया की जान बचाई जा सकती थी. परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान फेफड़ों में पानी भर जाने, बच्चेदानी में कट लगने से अंदर खून भर जाने और अंततः किडनी फेल होने के कारण सोनिया की मौत हुई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रियाएक ही महीने में दो प्रसूताओं की मौत से जिला अस्पताल की कार्यशैली और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ (PMO) ने बताया कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है. ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और स्टाफ की भूमिका की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Bundi,Bundi,Rajasthan

First Published :

August 21, 2026, 14:46 IST

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