विश्व जूनोसिस दिवस: रेबीज से लेकर निपाह तक, जानवरों से फैलने वाली 5 जानलेवा बीमारियां, जानें बचाव के तरीके

Last Updated:July 06, 2026, 07:01 IST
World Zoonoses Day: हर साल 6 जुलाई को विश्व जूनोसिस दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को उन बीमारियों के प्रति जागरूक करना है, जो जानवरों से इंसानों में फैल सकती हैं. इस लेख में जानें इन बीमारियों से बचाव के तरीके.
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कई संक्रामक बीमारियों की शुरुआत जानवरों से होती है और बाद में वे इंसानों में फैलकर बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती हैं. हाल के वर्षों में कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को यह समझा दिया कि किसी संक्रमण को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है.
जूनोटिक रोग वे बीमारियां हैं जो जानवरों से इंसानों में फैलती हैं. इनका संक्रमण कई तरीकों से हो सकता है. संक्रमित जानवर के सीधे संपर्क में आने, उसके काटने या खरोंचने, मच्छर और टिक जैसे कीटों के माध्यम से, दूषित भोजन और पानी के सेवन से या संक्रमित वातावरण के संपर्क में आने से व्यक्ति बीमार हो सकता है.
विश्व जूनोसिस दिवसविश्व जूनोसिस दिवस का इतिहास भी काफी खास है. 6 जुलाई 1885 को प्रसिद्ध वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने पहली बार रेबीज से संक्रमित एक बच्चे को सफलतापूर्वक वैक्सीन दी थी. इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की याद में हर साल यह दिवस मनाया जाता है और लोगों को टीकाकरण तथा संक्रमण से बचाव के बारे में जागरूक किया जाता है.
जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारीरेबीज सबसे प्रसिद्ध जूनोटिक बीमारियों में से एक है. इसके अलावा बर्ड फ्लू, निपाह वायरस, इबोला, लासा फीवर और बोवाइन ट्यूबरकुलोसिस जैसी कई गंभीर बीमारियां भी इसी श्रेणी में आती हैं. इनमें से कुछ बीमारियां समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया में पाई जाने वाली बड़ी संख्या में संक्रामक बीमारियां जानवरों से जुड़ी होती हैं. यही कारण है कि इन रोगों के प्रति जागरूक रहना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है.
इन आसान उपायों से करें बचावपालतू जानवरों का समय-समय पर टीकाकरण कराएं. किसी जानवर के काटने या खरोंचने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. मांस, अंडे और दूध जैसी चीजों का सेवन अच्छी तरह पकाकर ही करें. जानवरों को छूने या उनकी देखभाल करने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं. बीमार या मृत जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें. बुखार, कमजोरी या किसी असामान्य संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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