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Yellow Teeth Remedies: दांतों की पीली परत देखकर न करें ये गलती, बढ़ सकती है सेंसिटिविटी, डेंटिस्ट ने दी चेतावनी

Last Updated:August 29, 2026, 12:19 IST

गाजियाबाद: दांतों पर पीली परत दिखते ही कई लोग उसे हटाने के लिए नींबू, नमक या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन दांतों को सफेद करने की कोशिश में अपनाया गया यह घरेलू तरीका नुकसान पहुंचा सकता है. डेंटिस्ट के मुताबिक, बार-बार दांत रगड़ने से इनेमल कमजोर हो सकता है और सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ सकती है. ऐसे में दांतों का पीलापन देखकर घरेलू नुस्खा आजमाने के बजाय उसकी वजह समझना और सही डेंटल केयर अपनाना जरूरी है.

गाजियाबाद: दांतों पर पीली परत नजर आते ही कई लोग उसे हटाने के लिए नींबू, नमक या बेकिंग सोडा से दांत रगड़ना शुरू कर देते हैं. उन्हें लगता है कि इससे दांत जल्दी सफेद और चमकदार हो जाएंगे. लेकिन दांतों की सफाई का यह घरेलू तरीका नुकसानदायक हो सकता है. डेंटिस्ट के मुताबिक, इन चीजों का बार-बार या गलत तरीके से इस्तेमाल दांतों की बाहरी सुरक्षा परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है.

इनेमल कमजोर होने पर दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ सकती है और ठंडा-गर्म खाने-पीने पर झनझनाहट महसूस हो सकती है. इसलिए दांतों पर पीली परत देखकर उसे जोर से रगड़ने के बजाय पहले यह समझना जरूरी है कि इसके पीछे क्या वजह है.

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित दातून डेंटल की डॉ. शालिनी गौतम के मुताबिक, दांतों को सफेद करने के लिए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल काफी आम है. खासतौर पर लोग नींबू और बेकिंग सोडा को दांतों पर रगड़ते हैं. लेकिन इससे दांतों की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंच सकता है. नींबू में मौजूद अम्लीय तत्व इनेमल को कमजोर कर सकते हैं. वहीं बेकिंग सोडा को ज्यादा दबाव के साथ रगड़ने से दांतों की सतह पर घिसाव हो सकता है. बार-बार ऐसा करने पर सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ सकती है.

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कई बार लोगों को लगता है कि घरेलू नुस्खे से दांत साफ हो रहे हैं, जबकि असल में दांतों की बाहरी परत प्रभावित हो रही होती है. अगर दांतों पर लंबे समय से पीली या कठोर परत जमा है तो उसे किसी घरेलू चीज से रगड़कर हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर प्रोफेशनल क्लीनिंग की सलाह दे सकते हैं. दांतों का रंग प्राकृतिक रूप से थोड़ा पीला भी हो सकता है, इसलिए हर पीलेपन को बीमारी या गंदगी समझना सही नहीं है.

दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार करीब दो मिनट तक ब्रश करना जरूरी है. फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. दांतों के बीच फंसे प्लाक और भोजन के कणों को साफ करने के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनिंग भी उपयोगी हो सकती है. बिना डेंटिस्ट की सलाह के अलग-अलग तरह के व्हाइटनिंग उत्पादों या टूथपेस्ट का लगातार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

डॉ. शालिनी गौतम के मुताबिक, अगर दांतों में लगातार सेंसिटिविटी है, मसूड़ों से खून आता है या दांतों पर पीली-कठोर परत बार-बार जमा हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है. दांतों की नियमित जांच से शुरुआती स्तर पर कई समस्याओं का पता लगाया जा सकता है. इसलिए दांतों की पीली परत को केवल खूबसूरती से जुड़ी समस्या मानकर घर पर रगड़ने के बजाय उसकी वजह समझना और सही डेंटल केयर अपनाना ज्यादा जरूरी है.

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August 29, 2026, 12:19 IST

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