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RGHS में घोटालों के बाद नियम सख्त, अब डॉक्टर को खुद करना होगा पर्ची का सत्यापन

Last Updated:August 29, 2026, 18:24 IST

Rajasthan Health Scheme News : RGHS घोटालों के बाद अब डॉक्टर को मरीज की पर्ची पर खुद सत्यापन कर हस्ताक्षर और मुहर लगानी होगी. जूनियर रेजिडेंट के हस्ताक्षर पर कार्रवाई होगी. डॉक्टर की जगह किसी जूनियर रेजिडेंट या दूसरे कर्मचारी के हस्ताक्षर होने पर अब सवाल उठ सकता है. अस्पताल और संबंधित चिकित्सक को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही पर्ची तैयार और प्रमाणित की जाए.

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RGHS में घोटालों के बाद नियम सख्त, अब डॉक्टर को खुद करना होगा पर्ची का सत्यापनZoomRGHS में घोटालों के बाद बदले नियम

जयपुर. राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी RGHS में सामने आए घोटालों के बाद अब व्यवस्था में कुछ नियम और कड़े किए जा रहे हैं. अब मरीज की पर्ची पर संबंधित डॉक्टर का खुद सत्यापन करना जरूरी होगा. एम्पैनल्ड चिकित्सक को यह देखना होगा कि पर्ची पर दी गई जानकारी और इलाज से जुड़ी बातों की जांच ठीक से हुई है या नहीं. इसके बाद डॉक्टर को अपने हस्ताक्षर और मुहर लगाकर पर्ची को प्रमाणित करना होगा.

RGHS में हुए घोटालों की जांच के दौरान पर्चियों को लेकर एक अहम बात सामने आई थी. कई मामलों में प्रेस्क्रिप्शन पर संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं मिले थे. उनकी जगह जूनियर रेजिडेंट या दूसरे कार्मिकों के हस्ताक्षर पाए गए थे. यानी जिस डॉक्टर के नाम से इलाज या दवा से जुड़ी पर्ची जारी हुई, उस पर्ची पर डॉक्टर के अपने हस्ताक्षर नहीं थे. यही मामला अब नियम सख्त करने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. RGHS की ओर से साफ किया गया है कि अब इस तरह की स्थिति को लेकर लापरवाही नहीं चलेगी

डॉक्टर को खुद जांच कर करना होगा वेरिफिकेशननई व्यवस्था के तहत एम्पैनल्ड चिकित्सक की जिम्मेदारी तय की जा रही है. संबंधित डॉक्टर को खुद पर्ची की जांच करनी होगी और उसके बाद उसका सत्यापन करना होगा. डॉक्टर को अपने हस्ताक्षर और मुहर से यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि पर्ची उसके स्तर पर जांची और सत्यापित की गई है. इसका सीधा मतलब यह है कि डॉक्टर की जगह किसी जूनियर रेजिडेंट या दूसरे कर्मचारी के हस्ताक्षर होने पर अब सवाल उठ सकता है. अस्पताल और संबंधित चिकित्सक को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही पर्ची तैयार और प्रमाणित की जाए.

दूसरे व्यक्ति ने डॉक्टर की जगह हस्ताक्षर किए तो कार्रवाईRGHS ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर डॉक्टर की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने हस्ताक्षर किए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यानी केवल डॉक्टर के नाम से पर्ची तैयार कर देना अब पर्याप्त नहीं होगा. संबंधित चिकित्सक को खुद पर्ची देखनी होगी और अपने हस्ताक्षर व मुहर के साथ उसे प्रमाणित करना होगा. इस नियम के पीछे सबसे बड़ा मकसद पर्चियों में होने वाली गड़बड़ी को रोकना है. जांच में जब डॉक्टर के बजाय जूनियर रेजिडेंट या दूसरे कार्मिकों के हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई, तो इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे. अब इसी तरह की कमी दोबारा न हो, इसके लिए डॉक्टर के सेल्फ-वेरिफिकेशन को जरूरी किया गया है.

RGHS परियोजना अधिकारी ने दी जानकारीइस बारे में RGHS की परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अब संबंधित डॉक्टर का सेल्फ-वेरिफिकेशन जरूरी होगा और एम्पैनल्ड चिकित्सक को अपने हस्ताक्षर एवं मुहर से पर्ची को प्रमाणित करना होगा. दरअसल, RGHS में सामने आए घोटालों की जांच के बाद अब पर्चियों और डॉक्टर के सत्यापन की प्रक्रिया पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. नई व्यवस्था में डॉक्टर की भूमिका सीधे तय की गई है. ऐसे में आगे पर्ची की जांच के दौरान डॉक्टर के अपने हस्ताक्षर और मुहर को भी अहम माना जाएगा.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 29, 2026, 18:24 IST

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