इस बार राखी पर चॉकलेट और ज्वैलरी नहीं, बहन को दें ऐसा तोहफा जो करेगा उसकी बीमारियों से रक्षा

जौनपुर: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है. इस दिन भाई अपनी बहनों को चॉकलेट, कपड़े, गहने और कई तरह के उपहार देते हैं, लेकिन इस बार बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन पटेल ने भाइयों से एक अलग और बेहद जरूरी तोहफा देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहन को ऐसा उपहार दिया जाए, जो उसकी सेहत और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा हो. इसके लिए उन्होंने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन लगवाने की सलाह दी.
डॉ. गुंजन पटेल ने कहा कि एचपीवी एक बेहद सामान्य वायरस है और इसके कुछ प्रकार सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का प्रमुख कारण बन सकते हैं. एचपीवी संक्रमण से जननांगों पर मस्से जैसी समस्या भी हो सकती है. ऐसे में समय रहते वैक्सीनेशन को बीमारी से बचाव का महत्वपूर्ण कदम माना जाता है.
चॉकलेट और ज्वैलरी नहीं, इस बार हेल्थ प्रोटेक्शन का गिफ्ट दें
डॉ. पटेल ने भाइयों से अपील करते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों को चॉकलेट, ज्वैलरी और दूसरे उपहार तो हर साल दिए जाते हैं, लेकिन इस बार उनकी सेहत की सुरक्षा का संकल्प लें. उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान कर सकती है.
उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीनेशन केवल लड़कियों तक सीमित नहीं है. कई परिस्थितियों में लड़कों को भी एचपीवी वैक्सीन दी जाती है, क्योंकि एचपीवी संक्रमण पुरुषों में भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.
उम्र के हिसाब से अलग हो सकता है वैक्सीनेशन शेड्यूल
डॉ. पटेल के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन की खुराक व्यक्ति की उम्र और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर तय होती है. उन्होंने अपने बताए शेड्यूल के अनुसार बताया कि 9 से 14 वर्ष की उम्र में सामान्यतः दो डोज दी जाती हैं, जिनके बीच करीब छह महीने का अंतर रखा जाता है. वहीं अधिक उम्र में कुछ लोगों के लिए तीन डोज का शेड्यूल अपनाया जाता है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वैक्सीनेशन का सही शेड्यूल उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और इस्तेमाल किए जा रहे वैक्सीन उत्पाद के अनुसार चिकित्सक तय कर सकते हैं. इसलिए टीका लगवाने से पहले डॉक्टर या अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से सलाह लेना जरूरी है.
सरकारी और निजी क्षेत्र में उपलब्धता
डॉ. गुंजन पटेल ने बताया कि सरकारी स्तर पर एचपीवी वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है और पात्र लोगों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेनी चाहिए. निजी क्षेत्र में भी एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत कंपनी और वैक्सीन के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
उन्होंने कहा कि महंगी वैक्सीन को अपने आप बेहतर मान लेना सही नहीं है. वैक्सीन का चुनाव डॉक्टर की सलाह और उपलब्ध अधिकृत विकल्पों के आधार पर किया जाना चाहिए.
आज ही लें सुरक्षा का संकल्प
डॉ. पटेल ने अभिभावकों और भाइयों से अपील करते हुए कहा कि यदि परिवार में किसी योग्य सदस्य का एचपीवी वैक्सीनेशन अभी नहीं हुआ है तो नजदीकी चिकित्सक या स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी लें. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहन की कलाई पर राखी बांधने के साथ उसकी सेहत की सुरक्षा का संकल्प लेना भी भाई के लिए बेहद खास उपहार हो सकता है.
डॉ. गुंजन पटेल का संदेश है-रिश्तों की सुरक्षा सिर्फ राखी तक सीमित न रहे, बहन की सेहत की सुरक्षा का संकल्प भी लें.



