कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की स्टीम लाइन में हुआ ब्लास्ट, 600 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ बंद

Last Updated:August 28, 2026, 12:38 IST
Jhalawar News : राजस्थान के झालावाड़ के उंडल में स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट में तकनीकी खामी आ गई है. यूनिट की स्टीम लाइन में ब्लास्ट हो जाने यह बंद हो गई है. इसकी मरम्मत होने तक यह यूनिट बंद रहेगी. इसके कारण केवल अभी केवल दूसरी यूनिट से ही प्रोडक्शन हो पाएगा. इस यूनिट के खराब हो जाने से 600 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रभावित होगा.यूनिट की लंबे समय से मेंटेंस नहीं की गई थी.
झालावाड़. झालावाड़ जिले मे स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट की स्टीम लाइन में ब्लास्ट हो जाने के चलते उसकी लाइन टूट गई. इस तकनीकी खराबी के कारण कालीसिंध थर्मल की पहली यूनिट बंद हो गई है. कालीसिंध थर्मल की पहली यूनिट के बंद होने से यूनिट में 600 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है. दूसरी यूनिट से अभी विद्युत उत्पादन लगातार जारी है. कालीसिंध में 600-600 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित है. इनसे कुल 1200 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है.
जानकारी के अनुसार कालीसिंध थर्मल की पहली यूनिट की स्टीम लाइन में प्रेशर अधिक बढ़ जाने के चलते गुरुवार को ब्लास्ट हो गया था. इससे कारण लाइन टूट गई और इस स्टीम का भारी रिसाव हो गया था. गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी भी श्रमिक के कोई चोटें नहीं आईं और वो बाल बाल बच गए. सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में थर्मल प्लांट में कोयला भी अच्छी क्वालिटी का नहीं आने की जानकारी मिल रही है. इसके साथ ही समय पर बॉयलर व यूनिट का शटडाउन और मेंटेंस नहीं हो रहा है. इसे भी स्टीम लाइन में ब्लास्ट और लीकेज का प्रमुख कारण माना जा रहा है.
अभी केवल थर्मल की दूसरी इकाई से ही विद्युत उत्पादन होगा
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के डायरेक्टर केएल मीणा कालीसिंध थर्मल पहुंचे हैं. उन्होंने वहां स्टाफ तथा श्रमिकों से पूरे मामले की जानकारी ली है. अब पहली यूनिट का वार्षिक मरम्मत अभियान शुरू किया जाएगा. इसमें थर्मल के इंजीनियर जुटे हुए हैं. तब तक थर्मल की दूसरी इकाई से ही विद्युत उत्पादन हो पाएगा और पहली यूनिट बंद रहेगी.
उंडल गांव में स्थित है कालिसिंध प्लांट
कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट झालावाड़ जिले के झालरापाटन इलाके के उंडल गांव में स्थित है. इस प्लांट में 600_600 मेगावाट की दो इकाइयां हैं. कुल 1200 मेगावाट वाले इस प्लांट से बिजली नेशनल ग्रिड और प्रमुख पावर सेंटर तक पहुंचाई जाती है. लेकिन एक यूनिट की इस तकनीकी खामी के कारण यहां अब बिजली का उत्पादन आधा ही रह गया है. ऐसे में अब प्रदेश को सीधे-सीधे 600 मेगावाट विद्युत की कमी आएगी. उम्मीद जताई जा रही है कि पहली यूनिट का मरम्मत अभियान जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jhalawar,Jhalawar,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 12:38 IST



