क्रीज की ‘लक्ष्मण रेखा’ भूल रहे भारतीय स्पिनर, क्या टेस्ट में ‘फ्री हिट’ से सुधरेगी नो बॉल की आदत?

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लक्ष्मण रेखा भूल रहे स्पिनर, क्या फ्री हिट से सुधरेगी टेस्ट में नो बॉल की आदत
Last Updated:August 26, 2026, 22:09 IST
Free hits could reduce no-balls in Test: श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय स्पिनरों द्वारा लगातार फेंकी जा रही नोबॉल ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है. चौथे दिन तक 10 नोबॉल फेंकने की इस समस्या पर चिंता जताते हुए स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने एक अनोखा और व्यावहारिक सुझाव दिया है. बहुतुले का मानना है कि यदि टेस्ट क्रिकेट में भी सीमित ओवरों की तरह ‘फ्री हिट’ का नियम लागू कर दिया जाए, तो अतिरिक्त रन और नुकसान के डर से गेंदबाज क्रीज से आगे पैर निकालने की अपनी इस गलती पर तुरंत सुधार कर लेंगे.
नई दिल्ली. क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप टेस्ट मैच में जब एक-एक रन और एक-एक विकेट के लिए घंटों पसीना बहाना पड़ता है, तब गेंदबाजों की एक छोटी सी लापरवाही पूरी टीम की मेहनत पर पानी फेर सकती है. इन दिनों भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट मैचों में स्पिनरों की ‘नोबॉल’ की बढ़ती बीमारी से जूझ रही है. श्रीलंका के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन तक भारतीय स्पिन गेंदबाज 10 बार पॉपिंग क्रीज से आगे निकलकर नोबॉल फेंक चुके हैं. यह कोई मामूली आंकड़ा नहीं है. साल 2021 के बाद से किसी भी टेस्ट मैच में किसी एक टीम के स्पिनरों द्वारा फेंकी गई यह नोबॉल की सबसे बड़ी संख्या है. भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले भी इस समस्या से चिंतित हैं.
स्पिन गेंदबाजों से अमूमन यह उम्मीद की जाती है कि उनका अपनी क्रीज पर पूरा नियंत्रण होगा. तेज गेंदबाजों का रन-अप लंबा होता है और गति के कारण उनका पैर क्रीज से बाहर निकलना समझ आता है, लेकिन स्पिनरों का नोबॉल फेंकना किसी भी गेंदबाजी कोच के लिए सिरदर्दी का सबब बन सकता है. भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने भी इस समस्या पर अपनी बात रखी. उनके अनुसार, ‘जब पिच से कोई मदद नहीं मिल रही होती और विकेट निकालना मुश्किल हो जाता है, तब गेंदबाज विकेट हासिल करने के लिए अतिरिक्त जोर लगाने की कोशिश करता है. इसी अतिरिक्त कोशिश या खुद को पूरी तरह झोंक देने की होड़ में गेंदबाज का टेक-ऑफ प्वाइंट बिगड़ जाता है और पैर क्रीज से बाहर चला जाता है.
हालांकि, बहुतुले ने यह साफ किया कि इसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja)और सारांश जैन (Saransh Jain) जैसे खिलाड़ियों के साथ उनके टेक-ऑफ प्वाइंट को सही करने पर काफी काम किया गया है, लेकिन मैच के दबाव और कुछ खास गेंदों पर ज्यादा प्रयास करने के चक्कर में यह गलती हो जाती है.
मजाकिया अंदाज में बड़ा सुझाव, क्या टेस्ट में आए ‘फ्रीहिट’?इस समस्या से निपटने और गेंदबाजों को अनुशासन में लाने के लिए साईराज बहुतुले ने एक बेहद अनोखा सुझाव दिया. उन्होंने थोड़ा मजाकिया लहजे में कहा कि सीमित ओवरों (टी20 और वनडे) की तर्ज पर अब टेस्ट क्रिकेट में भी ‘फ्री-हिट’ का नियम लागू कर देना चाहिए. उनका तर्क बेहद व्यावहारिक था. बकौल बहुतुल, ‘यदि नियमों में बदलाव कर फ्री-हिट को शामिल किया जाए, तो नोबॉल की संख्या में रातों-रात भारी गिरावट आ जाएगी.’ टेस्ट मैच में फ्री-हिट का मतलब होगा अतिरिक्त रन और बिना आउट होने के खतरे के बल्लेबाज को खुलकर खेलने का मौका. कोई भी टीम या गेंदबाज ऐसा जोखिम उठाने से बचेगा, जिससे गेंदबाजों में अपने क्रीज का ध्यान रखने का अनुशासन स्वतः ही आ जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि वह नियमों के संरक्षक नहीं हैं, लेकिन यह विचार टेस्ट क्रिकेट को और दिलचस्प बना सकता है.
नेट सत्र से लेकर मैदान तक कड़ी निगरानीनो बॉल की इस समस्या को भारतीय टीम प्रबंधन बेहद गंभीरता से ले रहा है. अभ्यास सत्र के दौरान भी गेंदबाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. कोच बहुतुले ने बताया कि अभ्यास के दौरान मैच जैसी ही स्थितियां तैयार की जाती हैं. केवल गेंद फेंकने पर ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि गेंदबाजी के दौरान कोच खुद अंपायर की भूमिका निभाते हैं. चाहे वह साईराज बहुतुले हों या टीम के अन्य सपोर्ट स्टाफ, वे अंपायर बनकर हर एक गेंद पर नजर रखते हैं. अगर कोई गेंदबाज नेट में भी क्रीज से आगे निकलता है, तो उसे तुरंत टोका जाता है.
गलती सुधारने की चुनौतीकिसी भी गेंदबाज के लिए क्रीज से आगे निकलना न केवल एक अतिरिक्त रन देता है, बल्कि सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब नोबॉल पर कोई बड़ा विकेट मिल जाए. इतिहास गवाह है कि नोबॉल पर मिले जीवनदान ने कई बार टेस्ट मैचों का पासा पलट दिया है. भारतीय स्पिनरों के पास कौशल और अनुभव की कोई कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में सूक्ष्म गलतियों के लिए भी कोई जगह नहीं होती. कोच बहुतुले को भरोसा है कि उनके स्पिनर जल्द ही इस तकनीकी खामी से उबरेंगे और अपनी लेंथ तथा क्रीज नियंत्रण पर सुधार करके मैदान पर वापसी करेंगे. अब देखना यह होगा कि क्या आईसीसी कभी टेस्ट में फ्री हिट जैसे विचार पर मंथन करती है या फिर गेंदबाज खुद ही अभ्यास के जरिए अपनी इस आदत पर लगाम लगाते हैं.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 26, 2026, 22:07 IST



