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गणेशोत्सव में DJ पर बैन की मांग, मंत्री माधुरी मिसाल बोलीं- सभी धर्मों के त्योहारों पर लागू हों समान नियम

Last Updated:September 08, 2026, 21:31 IST

महाराष्ट्र की मंत्री माधुरी मिसाल ने गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों में तेज आवाज वाले डीजे साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि त्योहार पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मनाए जाने चाहिए, क्योंकि तेज आवाज से छात्रों, बुजुर्गों और आम लोगों को परेशानी होती है. पुणे में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बढ़ते जन अभियान के बीच मिसाल ने कहा कि डीजे पर प्रतिबंध सभी धर्मों के त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में समान रूप से लागू होना चाहिए.गणेशोत्सव में DJ बैन की मांग, मंत्री बोलीं- सभी धर्मों पर लागू हों समान नियमZoomमहाराष्ट्र की मंत्री माधुरी मिसाल ने त्योहारों में तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. (फाइल फोटो)

Maharashtra DJ Ban: पुणे में कान फोडू डीजे और साउंड सिस्टम के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच महाराष्ट्र सरकार की मंत्री माधुरी मिसाल ने त्योहारों में इनके इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव समेत सभी धार्मिक और सार्वजनिक त्योहार पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मनाए जाने चाहिए और तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम से दूरी बनानी चाहिए.

महाराष्ट्र की सामाजिक न्याय एवं शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में साफ कहा कि वह डीजे सिस्टम के इस्तेमाल के पूरी तरह खिलाफ हैं. उनके अनुसार, तेज आवाज में संगीत बजाकर त्योहार मनाने से आम लोगों को परेशानी होती है. खासतौर पर छात्रों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर तेज आवाज का बुरा असर पड़ता है.

मंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान रहे गणेशोत्सव को उसकी पारंपरिक शैली में मनाया जाना चाहिए. गणेश उत्सव हो या कोई अन्य त्योहार, उसमें ढोल, ताशा और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम की जरूरत नहीं है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीजे सिस्टम का विरोध करने का मतलब त्योहारों का विरोध करना नहीं है. कुछ लोग इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और इसे त्योहारों पर रोक लगाने से जोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपरा है और इसका उत्साह कम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे परंपरागत और अनुशासित तरीके से मनाया जाना चाहिए.

मंत्री ने पुणे के 32 गणेश मंडलों का उदाहरण भी दिया. इन मंडलों ने हाल ही में दही हांडी का आयोजन डीजे सिस्टम के बिना किया था और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उत्सव मनाया था. उन्‍होंने कहा कि पुणे के लोग आगामी गणेशोत्सव में भी पूरे महाराष्ट्र के सामने एक बेहतर उदाहरण पेश कर सकते हैं.

About the Authorअनूप कुमार मिश्रAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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Pune,Maharashtra

First Published :

September 08, 2026, 21:31 IST

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