गहरी खाई के ऊपर हवा में उड़ेंगे पर्यटक, हर्ष पर्वत पर शुरू होगी 560 मीटर लंबी जिपलाइन

Last Updated:August 28, 2026, 18:37 IST
Sikar Garsg Parvat : हर्ष पर्वत पर 3100 फीट की ऊंचाई पर 560 मीटर लंबी जिपलाइन बन रही है. यह एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देगी. अक्टूबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है. एक प्राइवेट कंपनी द्वारा करीब 1.50 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया जा रहा है. इसके लिए वन विभाग ने 0.706 हेक्टेयर भूमि डायवर्जन की स्वीकृति दी थी. हर्ष पर्वत पर जिपलाइन के एक छोर का टावर बनकर तैयार हो चुका है.
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सीकर. शेखावाटी के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल हर्ष पर्वत पर अब श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को रोमांच का नया अनुभव मिलने वाला है. यहां एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 3100 फीट की ऊंचाई पर 560 मीटर लंबी जिपलाइन की सुविधा शुरू होने वाली है. इस जिपलाइन का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है. यह जिपलाइन पर्वत पर बनाए गए टावर से दूसरी ओर पवन चक्की की पार्किंग के नजदीक तक जाएगी. खास बात यह है कि जिपलाइन का सफर गहरी खाई के ऊपर से होकर गुजरेगा.
यहां आने वाले पर्यटकों को अरावली की पहाड़ियों के बीच रोमांचक अनुभव मिलेगा. इस जिपलाइन का निर्माण कार्य अक्टूबर में पूरा होने की संभावना है. इसके बाद यह जिपलाइन पर्यटकों के लिए शुरू हो जाएगी. निजी सहभागिता के तहत एक प्राइवेट कंपनी द्वारा करीब 1.50 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया जा रहा है. इसके लिए वन विभाग ने 0.706 हेक्टेयर भूमि डायवर्जन की स्वीकृति दी थी. हर्ष पर्वत पर जिपलाइन के एक छोर का टावर बनकर तैयार हो चुका है. अब दूसरी ओर पवन चक्की के पास जिपलाइन से जुड़ा निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.
स्पाइडर-मैन जिपलाइन का आनंद ले सकेंगे पर्यटकसंबंधित काम पूरा होने में करीब एक महीने का समय लगने का अनुमान है. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी तकनीकी जांच के बाद पर्यटकों के लिए जिपलाइन शुरू की जा सकती है. जिपलाइन शुरू होने के बाद हर्ष पर्वत आने वाले लोगों के लिए यहां धार्मिक यात्रा के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी नया विकल्प जुड़ जाएगा. जिपलाइन के साथ-साथ एक खास स्पाइडर-मैन जिपलाइन का भी पर्यटक आनंद ले सकेंगे. इसमें सुरक्षित हार्नेस के जरिए कमर के सहारे लटककर पहाड़ियों के बीच से गुजरने का मौका मिलेगा. यह ट्रैक पहाड़ी के एक छोर से शुरू होकर पहाड़ के दूसरे छोर पर सुरक्षित स्थान पर लैंड करेगा.
3100 फीट की ऊंचाई पर स्थित हर्षनाथ मंदिरहर्ष पर्वत केवल प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण भी खास स्थान रखता है. अरावली पर्वतमाला की ऊंची चोटियों पर समुद्र तल से करीब 3100 फीट की ऊंचाई पर स्थित हर्षनाथ मंदिर को शेखावाटी की प्राचीन धार्मिक विरासत का हिस्सा माना जाता है. ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, चौहान शासक विग्रहराज ने वर्ष 973 ईस्वी में हर्ष पर्वत की चोटी पर मंदिर का निर्माण शुरू कराया था. करीब 12 वर्षों में इसका निर्माण पूरा हुआ. इस वजह से हर्ष पर्वत का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 18:37 IST



