घर के बाड़े में बैठा था 45 किलो का मगरमच्छ, नजर पड़ते ही ग्रामीणों में मचा हड़कंप, ऐसे हुआ रेस्क्यू

Last Updated:October 12, 2026, 10:57 IST
Kota Crocodile Rescue: कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के निमोला गांव में रविवार देर रात एक घर के बाड़े में करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया. बस्ती के बीच मगरमच्छ दिखाई देने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई. सूचना मिलने पर समाजसेवी हयात खान टाइगर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ का रेस्क्यू किया. मगरमच्छ की लंबाई करीब 4 फीट और वजन 40 से 45 किलो बताया गया है. रेस्क्यू के बाद उसे गेता क्षेत्र में चंबल नदी में छोड़ दिया गया. ग्रामीणों को आशंका है कि मगरमच्छ गांव के पास स्थित तलाई से निकलकर बस्ती में पहुंचा होगा. खास बात यह है कि दो दिन पहले भी इसी इलाके में एक मगरमच्छ दिखाई दिया था. निमोला गांव में रविवार देर रात एक घर के कोटा के निमोला गावं में बाड़े में करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया
कोटा. राजस्थान के कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के निमोला गांव में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बस्ती के बीच एक घर के बाड़े में करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया. घर के बाड़े में मगरमच्छ बैठा देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई. इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और समाजसेवी हयात खान टाइगर को सूचना दी. सूचना मिलने पर हयात खान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया.
टीम ने सावधानी से मगरमच्छ को काबू किया. इसके बाद उसे गेता क्षेत्र में चंबल नदी में छोड़ दिया गया. मगरमच्छ की लंबाई करीब 4 फीट और वजन 40 से 45 किलो बताया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास स्थित एक तलाई से मगरमच्छ के निकलकर बस्ती तक पहुंचने की आशंका है. खास बात यह है कि दो दिन पहले भी इसी इलाके में एक मगरमच्छ दिखाई दिया था. हालांकि, बाड़े में मिला मगरमच्छ वही था या दूसरा, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
मुंह पर टेप लगाकर रस्सियों से पैर बांधकर किया रेस्क्यू
बताया जा रहा है कि रविवार रात करीब 9 बजे निमोला गांव के एक घर के बाड़े में मगरमच्छ नजर आया. उसे देखते ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और समाजसेवी हयात खान टाइगर को दी. इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. हयात खान के मुताबिक, मगरमच्छ को पकड़ने के दौरान सावधानी बरती गई. सबसे पहले उसके मुंह को नियंत्रित कर टेप लगाई गई. इसके बाद आगे और पीछे के पैरों को रस्सियों से बांधा गया. टीम के सदस्यों ने उसकी पूंछ को भी संभालकर रखा, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी को चोट न पहुंचे. इस तरह मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया.
40 से 45 किलो था मगरमच्छ का वजन
रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ की लंबाई करीब 4 फीट और वजन लगभग 40 से 45 किलो बताया गया है. पकड़ने के बाद टीम उसे गेता क्षेत्र स्थित चंबल नदी तक लेकर गई, जहां उसे छोड़ दिया गया. मगरमच्छ के बस्ती में घुसने की घटना से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. हालांकि, गांव के आसपास मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में चिंता बनी हुई है.
दो दिन पहले भी दिखा था मगरमच्छ
ग्रामीणों ने बताया कि निमोला गांव के पास एक तलाई मौजूद है. आशंका जताई जा रही है कि मगरमच्छ उसी तलाई से निकलकर घर के बाड़े तक पहुंचा होगा. ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले भी इसी इलाके में मगरमच्छ दिखाई दिया था. हालांकि, दोनों घटनाओं में दिखाई दिया मगरमच्छ एक ही था या अलग-अलग, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है. चंबल और पार्वती नदियों के आसपास का क्षेत्र होने के कारण यहां मगरमच्छों की मौजूदगी देखी जाती है. ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है. मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके पास जाने या खुद पकड़ने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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October 12, 2026, 10:57 IST



