जेल नेल पॉलिश में खतरनाक रसायन, ब्रेटेन में हुआ बैन, जानिए कैसे हमारी सेहत को बर्बाद करता है यह

Nail Polish Health Risks: आजकल खूबसूरत और लंबे समय तक चमकदार रहने वाले नाखूनों के लिए जेल मैनिक्योर काफी लोकप्रिय हो गया है. पहले यह सुविधा बड़े शहरों के चुनिंदा सैलून तक सीमित थी, लेकिन अब छोटे शहरों में भी जेल नेल पॉलिश और UV/LED मैनिक्योर आम होते जा रहे हैं. इसी बीच एक खास रसायन को लेकर चिंता बढ़ी है. इसका नाम है TPO यानी Trimethylbenzoyl Diphenylphosphine Oxide. ब्रिटेन ने 15 अगस्त 2026 से TPO वाले नए कॉस्मेटिक प्रॉडक्टों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगा दी है.
यूरोपीय संघ में भी सितंबर 2025 से इस रसायन पर प्रतिबंध लागू है. ऐसे में भारत में जेल मैनिक्योर कराने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके इस्तेमाल किए जा रहे प्रोडक्ट में आखिर कौन-कौन से केमिकल मौजूद हैं.
क्या है TPO और जेल नेल पॉलिश में क्यों होता है?
TPO एक फोटोइनिशिएटर है. आसान भाषा में समझें तो यह जेल नेल पॉलिश को UV या LED लैंप की रोशनी में तेजी से सख्त करने में मदद करता है. इसी वजह से जेल पॉलिश सामान्य नेल पॉलिश की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और चमकदार दिखाई देती है.
चिंता किस बात को लेकर है?
TPO को लेकर सबसे बड़ी चिंता प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी संभावित समस्याओं की है. उपलब्ध पशु-अध्ययनों में इसके प्रजनन क्षमता पर हानिकारक प्रभाव की आशंका सामने आई है. इसी आधार पर यूरोपीय संघ ने सितंबर 2025 में इसे कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स में प्रतिबंधित किया. ब्रिटेन में भी 15 अगस्त 2026 से TPO वाले नए कॉस्मेटिक प्रॉडक्टों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लागू हुई है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि जेल मैनिक्योर करवाते ही किसी व्यक्ति की सेहत पर नुकसान होना तय है. रिस्क का अंदाजा प्रॉडक्ट में केमिकल की मात्रा, कितने समय के लिए संपर्क में हैं और इस्तेमाल के तरीके जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है. इसलिए घबराने के बजाय सावधानी बरतना ज्यादा समझदारी है.
भारत में जेल मैनिक्योर कराने वालों को क्या करना चाहिए?
भारत में ब्यूटी और नेल केयर का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. IMARC की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत का नेल पॉलिश बाजार करीब 605 मिलियन डॉलर का था और 2034 तक इसके लगभग 1.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में नए-नए नेल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी बढ़ना स्वाभाविक है. अगर आप जेल मैनिक्योर करवाते हैं तो सैलून में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट का लेबल जरूर देखें. जरूरत हो तो स्टाफ से पूछें कि जेल पॉलिश TPO-free है या नहीं. पैकेजिंग पर ingredients की सूची स्पष्ट न हो तो प्रोडक्ट के बारे में जानकारी लिए बिना उसका इस्तेमाल कराने से बचना बेहतर है.
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सिर्फ TPO ही नहीं, पूरी प्रक्रिया पर दें ध्यान
जेल मैनिक्योर में केवल पॉलिश ही नहीं, बल्कि UV/LED लैंप का इस्तेमाल भी होता है. बार-बार मैनिक्योर कराने के बजाय नाखूनों को बीच-बीच में आराम देना, क्यूटिकल को बहुत ज्यादा काटने से बचना और संक्रमण के संकेत दिखने पर मैनिक्योर टालना भी जरूरी है.
खूबसूरत नाखून आपकी पर्सनैलिटी को जरूर निखार सकते हैं, लेकिन किसी भी ब्यूटी ट्रेंड में सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. खासकर जब किसी रसायन को लेकर दूसरे देशों में रेगुलेटरी कदम उठाए जा चुके हों, तो प्रोडक्ट की सामग्री जांचने की छोटी-सी आदत काफी काम आ सकती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



