दिल्लीवालों हो जाओ खुश, बारापुला कॉरिडोर के उद्घाटन की आ गई डेट, बस 20 मिनट में मयूर विहार से पहुंचाएगी एम्स

दिल्ली और नोएडा-गाजियाबाद में रहने वाले लोगों के लिए गुड न्यूज आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दिल्ली में विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिलने जा रही है. दिल्ली सरकार 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाएगी. इस दौरान राजधानी में सड़क, परिवहन, सीवरेज, जल प्रबंधन, शिक्षा, बिजली और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा. इन परियोजनाओं में सबसे ज्यादा चर्चा बारापुला नाले पर सराय काले खां से मयूर विहार तक एलिवेटेड रोड फेज-III की है. दिल्ली में बारापुला फेज 3 लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है. यह मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां और दक्षिण दिल्ली से जोड़ता है. करीब 1,635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के शुरू होने से मयूर विहार से एम्स तक का सफर सिर्फ 20 मिनट का रह जाएगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों की सेवा और राजधानी के समग्र विकास को समर्पित अभियान होगा. इस दौरान ऐसी परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा, जिनका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.
बारापुला से आउटर रिंग रोड तक, सड़क नेटवर्क पर बड़ा फोकस
दिल्ली सरकार के सेवा पखवाड़े में राजधानी के सड़क नेटवर्क से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल हैं. बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-III के अलावा मुकरबा चौक के पास आउटर रिंग रोड पर अंडरपास का काम भी पूरा हो चुका है. वहीं, बादली जंक्शन से हैदरपुर मेट्रो स्टेशन तक एप्रोच रोड भी तैयार हो गई है. इस परियोजना पर करीब 54.10 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इन परियोजनाओं का मकसद प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और अलग-अलग इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को आसान बनाना है.
पानी और सीवर व्यवस्था पर 863 करोड़ से ज्यादा खर्च
दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं में सबसे बड़ी चुनौती पानी और सीवरेज व्यवस्था की है. इसे देखते हुए सेवा पखवाड़े के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. बवाना के 20 एमजीडी जल शोधन संयंत्र में 2 एमजीडी क्षमता का रीसाइक्लिंग प्लांट तैयार किया गया है. वहीं ओखला में 564 एमएलडी क्षमता का वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी इस योजना का हिस्सा है.
इसके अलावा बारापुला ड्रेन से बाटला हाउस फेज-II एसपीएस तक इंटरसेप्टर सीवर, बाटला हाउस में 35 एमजीडी सीवेज पंपिंग स्टेशन और ओखला वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक राइजिंग मेन का काम भी शामिल है. रिठाला फेज-I और कोंडली फेज-I, II और III के वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पुनर्वास और अपग्रेडेशन की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं. इन जल और सीवरेज परियोजनाओं की कुल लागत करीब 863.38 करोड़ रुपये है.
इसके अलावा गोकलपुर विधानसभा क्षेत्र की उन कॉलोनियों में घरों को सीवर कनेक्शन देने की योजना है, जो अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं. श्रीराम कॉलोनी, राजीव नगर और सोनिया विहार के कुछ हिस्सों में नई सीवर लाइनें भी बिछाई जाएंगी.
स्कूलों में नए क्लासरूम और भवन
शिक्षा के क्षेत्र में भी दिल्ली सरकार कई परियोजनाओं को जनता को समर्पित करेगी. द्वारका सेक्टर-16 में जी+3 मंजिला स्कूल भवन का उद्घाटन प्रस्तावित है. इसके अलावा ईस्ट विनोद नगर में 68 जी+3 समकक्ष एसपीएस कक्षाएं और रोहिणी सेक्टर-41 में 76 समकक्ष एसपीएस कक्षाएं तैयार हो चुकी हैं. इन तीन परियोजनाओं पर क्रमशः 38.44 करोड़, 38.30 करोड़ और 66.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. सरकार का दावा है कि इससे स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त जगह और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
बिजली व्यवस्था भी होगी मजबूत
दिल्ली के बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई परियोजनाएं तैयार हैं. सेवा पखवाड़े के दौरान नए और अपग्रेड किए गए ग्रिड सब-स्टेशनों का उद्घाटन किया जाएगा. इनमें ए1-ए4 ग्रिड सब-स्टेशन और कड़कड़डूमा ईस्ट दिल्ली हब में भूमिगत सब-स्टेशन शामिल हैं. इसके अलावा अर्जनगढ़ और बक्करवाला में 66/11 केवी ग्रिड सब-स्टेशन तैयार किए गए हैं.
ओखला फेज-I, शेख सराय, बक्करवाला गांव, गुरु नानक एन्क्लेव, एम-ब्लॉक उत्तम नगर, रणहौला गांव और कालकाजी में भी अलग-अलग क्षमता के सब-स्टेशन तैयार किए गए हैं. इन बिजली परियोजनाओं की कुल लागत करीब 232.42 करोड़ रुपये है.
शहर के सौंदर्यीकरण पर भी जोर
सेवा पखवाड़े में केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर की सुविधाओं को भी शामिल किया गया है. शालीमार बाग के एपी ब्लॉक में सार्वजनिक शौचालय, फिल्मिस्तान, झंडेवालान और वीर चंद्र गढ़वाली चौक के तीन गोलचक्करों का सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएं पूरी की गई हैं. बुराड़ी स्थित पुराने आईएंडसी सेंटर का पुनर्विकास कर नया एटीएस तैयार किया जाएगा. तेहखंड में चार लेन वाले एटीएस की स्थापना भी प्रस्तावित है.
गांवों में भी विकास कार्य
राजधानी के ग्रामीण और स्थानीय इलाकों को भी इस अभियान में जगह दी गई है. द्वारका के बिजवासन गांव में गोलक धाम के पास दो मंजिला सामुदायिक भवन तैयार किया गया है. आरके पुरम के बसंत गांव में वाल्मीकि चौपाल का नवीनीकरण और मलिकपुर में सिसोदिया चौपाल का पुनर्निर्माण किया गया है. इसके अलावा बारापुला ड्रेन के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण भी पूरा किया गया है.
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा सेवा पखवाड़ा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इस बार सेवा पखवाड़े का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था और जल्द ही संवैधानिक पद पर अपने कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं. दिल्ली सरकार का कहना है कि इस दौरान शुरू होने वाली परियोजनाओं का मकसद राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और लोगों की रोजमर्रा की सुविधाओं को बेहतर बनाना है.
सड़क और ट्रैफिक से लेकर पानी, सीवर और बिजली तक, शिक्षा से लेकर सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी सौंदर्यीकरण तक… सरकार ने सेवा पखवाड़े के लिए परियोजनाओं का ऐसा खाका तैयार किया है, जिसका असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दिखाई देने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ दिल्ली के हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुंचाना है. इसके जरिए राजधानी को आधुनिक, स्वच्छ, सशक्त और बेहतर नागरिक सुविधाओं से लैस दिल्ली बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा.



