दीवाली में पटाखों की वजह से आंखें न हो खराब, इसके लिए एम्स के डॉक्टर से जान लें बचाव

Last Updated:November 06, 2026, 13:30 IST
How to protect Eyes: दीवाली में पटाखों की गूंज हर तरफ कानों को चीरने लगती है. यह साउंड पॉल्यूशन तो है ही, साथ ही यह आंखों के लिए भी बहुत बड़ी समस्या है. दीवाली के पटाखों से निकला धुआं आंखों को हर तरह से नुकसान पहुंचाता है. ऐसे में आंखों को इन धुओं से कैसे बचाएं इसके लिए एम्स के डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण सलाह दी है.दीवाली में आंखों को सुरक्षित रखने का टिप्स. Photo: Canva
Eye Protection Tips: दीवाली में पटाखें, फुलझड़ियां न हो, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता. लेकिन इन पटाखों और फुलझड़ियों से तगड़ा पॉल्यूशन निकलता है. यह पॉल्यूशन तत्काल सेहत को नुकसान पहुंचाता है. इनमें सबसे ज्यादा असर आंखों पर होता है. पटाखों से निकले पॉल्यूशन में सल्फर, गनपाउडर और हैवी मेटल के कण आंखों के संपर्क में आते ही कॉर्निया और कंजंक्टिवा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं.वहीं जब इन पटाखों और आतिशबाजियों से चिंगारी उड़ती है और वह फिर नीचे आती है तो इससे आंखों के मुलायम टिशूज पर सबसे ज्यादा असर पड़ती है. अगर नजदीक में आ जाए तो इससे आंखों के टिशूज जल भी सकते हैं. इतना ही नहीं इससे कॉर्निया में खरोंच और यहां तक कि आंखों में इंटरनल ब्लीडिंग भी हो सकती है. ऐसे में एम्स के डॉक्टर ने इससे बचने के लिए आसान उपाय बताए हैं.
आंखों में क्या आती हैं दिक्कतें
एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक पटाखों की चिंगारी से आंखों के नाजुक सेल्स को नुकसान पहुंचता है. आपको बेशक पता न हो लेकिन पटाखों से निकला कचरा आंखों की कॉर्निया में चोट पहुंचाता है. इससे आंखों को खोलने और बंद करने में जलन महसूस होती है. ऐसे में जब भी पटाखा जलाएं तो कुछ गलतियां बिल्कुल न करें. जैसे पटाखों को उपर से कभी न छुए न ही अधजले पटाखों को पास से देखें. बच्चों को कभी भी पटाखा अकेले में न जलाने दें. आंखों में चिंगारी या कचरा जाने पर उसे बिल्कुल न रगड़े. आंखों में अगर पटाखों की चोट लग जाती है तो अपने मन से उसमें कुछ भी न लगाएं. सीधा डॉक्टर के पास जाएं.
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ये सावधानियां रखें
एम्स के डॉक्टरों ने सोशल मीडिया पेज पर बताया है कि पटाखों से हमेशा उचित दूरी बनाए रखें और कभी भी लंबी अगरबत्ती या फुलझड़ी का इस्तेमाल न करें. बच्चो को हमेशा निगरानी में रखें और प्रोटेक्टिव गोगल्स पहनाएं. किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए पास में हमेशा पानी से भरी बाल्टी और रेत रखें. साथ ही अग्निशमन भी रखें. पटाखा चलाने के बाद हाथ और चेहरे को अच्छी तरह पानी और शोप से धोएं. बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है फुलझड़ी. बेहतर होगा कि आप बच्चों को फुलझड़ी के अलावा अन्य पटाखे न दें. पटाखे हाथ में न पकड़ें और किसी पर न फेंके. आंखों को बिल्कुल न मलें. इसके साथ ही अगर आंखों में कुछ हो जाता है तो कोई भी घरेलू उपचार न करें. तुरंत अपने नजदीकी आंखों के डॉक्टर से दिखाएं.
About the AuthorLakshmi Narayan
With 20 years of extensive experience in Hindi journalism, Lakshmi Narayan is a distinguished media professional and digital team leader at Network18, managing edit…
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November 06, 2026, 13:30 IST



