नागौर-डीडवाना में NIOS परीक्षा की बड़ी तैयारी, 3,089 परीक्षार्थियों के लिए बनेंगे 12 केंद्र

Last Updated:August 29, 2026, 19:34 IST
NIOS Exam 2026: नागौर-डीडवाना क्षेत्र में NIOS परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. परीक्षा के लिए कुल 3,089 परीक्षार्थियों के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. परीक्षा को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए संबंधित स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा संचालन को लेकर आवश्यक तैयारियां की जाएंगी. इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को निर्धारित केंद्रों पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी.
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाली माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. परीक्षा के लिए नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले के पांच क्षेत्रों में 12 सरकारी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने की तैयारी है. एनआईओएस ने राजस्थान शिक्षा विभाग को परीक्षा केंद्रों से संबंधित प्रस्ताव भेजा है, जिसके आधार पर सरकारी विद्यालयों से आवेदन करवाए जा रहे हैं.
शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से 24 अगस्त को सभी संबंधित अधिकारियों को एनआईओएस परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद शिक्षा विभाग ने प्रस्तावित विद्यालयों में व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने और परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है. विभाग के अनुसार परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करना है, ताकि अक्टूबर में परीक्षार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
एनआईओएस की लोकेशन सूची के अनुसार नागौर और डीडवाना-कुचामन के पांच क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं. इनमें डीडवाना में एक, कुचामन सिटी में दो, लूणवा में चार, मोलासर में एक और रियां में चार परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता बताई गई है. इन पांच क्षेत्रों में कुल 3,089 परीक्षार्थियों के लिए 12 परीक्षा केंद्रों की जरूरत बताई गई है. परीक्षार्थियों की संख्या और क्षेत्रवार आवश्यकता के आधार पर केंद्र तय किए जाएंगे.
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एनआईओएस की ओर से तैयार की गई अक्टूबर 2026 परीक्षा की लोकेशन सूची में इन क्षेत्रों के लिए परीक्षार्थियों की संख्या और केंद्रों की आवश्यकता का विवरण दिया गया है. अब शिक्षा विभाग प्रस्तावित सरकारी विद्यालयों की उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आवश्यक मानकों की जांच करेगा. इसके बाद पात्र विद्यालयों से आवेदन लेकर उनकी जानकारी एनआईओएस को भेजी जाएगी. अंतिम रूप से कौन से विद्यालय परीक्षा केंद्र बनेंगे, इसका निर्णय निर्धारित मानकों और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर होगा.
परीक्षा केंद्र बनने वाले सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और परीक्षा की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की सुविधा जरूरी होगी. इसके अलावा स्कूल में इंटरनेट कनेक्शन, हेवी ड्यूटी प्रिंटर, फोटो कॉपी मशीन और पर्याप्त पावर बैकअप की व्यवस्था भी उपलब्ध होनी चाहिए. परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी कैमरों से होने वाली रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना होगा.
एनआईओएस ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन करने मात्र से किसी विद्यालय को केंद्र आवंटित होने की गारंटी नहीं होगी. केंद्र चयन के दौरान एनआईओएस के परीक्षा मानकों के साथ प्रशासनिक जरूरत, सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध संसाधन और केंद्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाएगा. इसलिए आवेदन करने वाले विद्यालयों को निर्धारित सुविधाएं और व्यवस्थाएं पूरी रखना जरूरी होगा, ताकि चयन प्रक्रिया में उन्हें पात्र माना जा सके.
नागौर और डीडवाना-कुचामन के पांच क्षेत्रों में 12 परीक्षा केंद्रों की तैयारी होगी. उनमें एनआईओएस के 3,089 परीक्षार्थियों को स्थानीय स्तर पर परीक्षा सुविधा मिलेगी. विभाग की ओर से अब प्रस्तावित स्कूलों की व्यवस्थाओं की जांच और आवेदन संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अक्टूबर में होने वाली माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं को व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से कराने के लिए शिक्षा विभाग और एनआईओएस स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं.
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August 29, 2026, 19:34 IST



