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नेशनल अवॉर्ड जीतने वाला डायरेक्टर, जिसकी फिल्म IIM के लिए बनी केस स्टडी, धमकी के बाद छोड़ दिया था 1 प्रोजेक्ट

Last Updated:August 26, 2026, 04:31 IST

नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर असली घटनाओं से प्रेरित फिल्में बनाने के लिए मशहूर हैं. वे ऋषिकेश मुखर्जी को अपनी प्रेरणा मानते हैं. कहते हैं कि उनकी मशहूर फिल्म ‘फैशन’ में कंगना रनौत का किरदार पूर्व मॉडल गीतांजलि नागपाल से प्रेरित था. डायरेक्टर मधुर भंडारकर की एक फिल्म आईआईएम अहमदाबाद में केस स्टडी बनी. जबकि, उनकी ‘जेल’ फिल्म एलिस्टर परेरा हिट-एंड-रन केस से प्रेरित थी. उन्हें धमकियों के चलते अपना एक प्रोजेक्ट भी रद्द करना पड़ा था.

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नेशनल अवॉर्ड जीतने वाला डायरेक्टर, जिसकी फिल्म IIM के लिए बनी केस स्टडीZoomडायरेक्टर असल जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित फिल्में बनाते हैं. (फोटो साभार: IMDb)

नई दिल्ली: मधुर भंडारकर उन चुनिंदा फिल्ममेकर्स में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों को दर्शक सालों-साल सराहते हैं. उन्होंने सिनेमा के जरिये असली मुद्दों और समाज की दिक्कतों को पर्दे पर उतारा. मधुर भंडारकर अपनी फिल्म बनाने के तरीके को मशहूर डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी से प्रेरित मानते हैं. उन्होंने उस शैली को आजमाने के लिए ‘दिल तो बच्चा है जी’ के साथ कुछ समय के लिए कॉमेडी जॉनर का रुख भी किया था.

फिल्म ‘फैशन’ में कंगना रनौत का किरदार पूर्व सुपरमॉडल गीतांजलि नागपाल की जिंदगी से प्रेरित था, जो दिल्ली की सड़कों पर भीख मांगती हुई पाई गई थीं. इसके अलावा, वो मशहूर सीन जिसमें रैंप पर एक आउटफिट गिर जाता है, 2006 के लैक्मे फैशन वीक में हुई असल जिंदगी की एक घटना से प्रेरित था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मधुर भंडारकर असल में चाहते थे कि ‘फैशन’ का अंत प्रियंका चोपड़ा के किरदार के प्रेग्नेंट होने और सबके सामने उसे दिखाने से हो, लेकिन एक्ट्रेस को फैंस की सोच को लेकर कुछ चिंताएं थीं, जिसकी वजह से स्क्रिप्ट को दोबारा लिखा गया.

फिल्मों के किरदार असल जिंदगी से प्रेरितबिपाशा बसु स्टारर उनकी 2006 की कॉर्पोरेट ड्रामा फिल्म ‘कॉर्पोरेट’ को आईआईएम अहमदाबाद में मैनेजमेंट केस स्टडी के तौर पर चुना गया था. ‘फैशन’ की जबरदस्त सफलता के बाद मधुर भंडारकर ने ‘अवार्ड्स’ नाम की एक रियलिस्टिक फिल्म बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन गंभीर धमकियों की वजह से उन्हें प्रोडक्शन रद्द करना पड़ा और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया. साल 2009 की फिल्म ‘जेल’ में जो डिसूजा का किरदार 2006 के एलिस्टर परेरा हिट-एंड-रन केस से काफी हद तक प्रेरित था. वे नील नितिन मुकेश के साथ तिहाड़ जेल के अंदर कुछ हिस्सों की शूटिंग या रिसर्च भी करना चाहते थे, लेकिन 26/11 मुंबई हमलों के बाद सुरक्षा नियमों की वजह से वहां जाने की इजाजत नहीं मिली.

‘चांदनी बार’ ने दिलाई बड़ी पहचानमधुर भंडारकर ने मुंबई के खार में एक वीडियो कैसेट लाइब्रेरी में काम किया था. इससे उन्हें फिल्मों के बड़े कलेक्शन तक पहुंच मिली और उन्होंने इसके जरिए फिल्म-मेकिंग सीखी. वे छोटे फिल्म-मेकर्स के साथ असिस्टेंट के तौर पर काम करने के बाद राम गोपाल वर्मा के असिस्टेंट बने. उन्होंने ‘रंगीला’ में एक छोटा सा रोल भी किया. उन्होंने कुछ साल बाद ‘त्रिशक्ति’ से डायरेक्टर के तौर पर शुरुआत की. उन्होंने 2001 में क्राइम ड्रामा ‘चांदनी बार’ को डायरेक्ट किया, जिसमें तब्बू और अतुल कुलकर्णी अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड की कठोर जिंदगी को दिखाया गया था. रिलीज होने पर इसे बहुत तारीफ मिली और यह कमर्शियल रूप से सफल रही, जिससे भंडारकर बॉलीवुड के टॉप फिल्म-मेकर्स की कैटेगरी में आ गए.

About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…

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First Published :

August 26, 2026, 04:31 IST

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