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बिहार का अनोखा गांव, नाम ‘धनी’ लेकिन एक भी करोड़पति नहीं! दिलचस्प है कहानी

Last Updated:August 30, 2026, 23:52 IST

Jehanabad Dhani Bigaha Village Story: बिहार के जहानाबाद जिले में ‘धनी गांव’ नाम का एक गांव है, जहाँ 70 घर हैं. इसका नाम एक उदार जमींदार धनी गोप के नाम पर पड़ा. हालांकि, यहां कोई करोड़पति नहीं है, पर 30 घरों में सरकारी नौकरी वाले लोग हैं, जो गांव को ‘दिल से धनी’ बनाते हैं.

जहानाबाद: बिहार की बड़ी आबादी गांव में रहती है. इसीलिए गांवों का प्रदेश भी कहा जाता है. हालांकि ऐसे कई गांव हैं, जिसका नाम सुन लोग हैरान हो जाते हैं. कई गांवों के नाम सुनकर हंसी आ जाती है तो कुछ गांव के नाम सुनते ही शर्म भी. हालांकि आज जहानाबाद जिला में स्थित एक ऐसा गांव का नाम बताएंगे, जो जिसका नाम सुनते ही आप थोड़ी देर टेंशन में पड़ जाएंगे. उस गांव की दूरी जिला मुख्यालय से करीब 12 KM है. जैसे ही आप जहानाबाद से घोसी स्टेट हाईवे पकड़ेंगे तो हाटी मोड़ मिलता है और वहां से महज 5 किमी दक्षिण की ओर बढ़ेंगे तो आपको एक गांव मिलेगा, जिसका नाम धनी गांव है.

धनी बिगहा नाम सुनते ही लोग हैरान हो जाते हैं, आखिर ये गांव धनी बिगहा क्यों है? थोड़ी देर के लिए लोगों का कदम ठहर जाता है. जिस तरह का नाम है, वैसा यह गांव आपको बाहर से दिखेगा नहीं. हालांकि, जब आप उनसे बात करेंगे तो जैसा नाम है वैसा दिख जाएगा.

इस गांव का नाम धनीगांव के रहने वाले 55 साल के सूरज प्रसाद ने धनी गांव नाम क्यों पड़ा? इस पर कहते हैं कि हमारे गांव के सबसे पहले व्यक्ति धनी गोप थे, जो जमींदार थे. वो बहुत ही उदार प्रवृत्ति के थे. लोगों की सहायता और उदार चरित्र के कारण ही लोग उन्हें प्यार से धनी बुलाते. अब ऐसे में उनके समय से ही इस गांव का नाम धनी गांव पड़ गया. इस गांव में कुल 70 घर है. लगभग 500 लोग रहते हैं. यहां लगभग 30 घरों में नौकरी है. नाम के पीछे की असली कहानी धनी गोप ही है. वो बताते हैं कि हमारे यहां सरकारी सेवक बहुत अधिक हैं. शिक्षक, इंजीनियर, बिहार पुलिस जैसे सरकारी नौकरी करने वाले लोग हैं.

खेती बाड़ी के साथ पढ़ाई में बढ़ रही रुचि75 वर्ष के बुजुर्ग तेज नारायण यादव ने कहा कि हमारा गांव शुरू से ही दिल से धनी है. इस गांव में 70 घर हैं, जहां करीब 500 लोग रहते हैं. जिला मुख्यालय से दूर होने के बाद भी हमारा गांव मुख्यधारा में रहता है. इस गांव में करीब 30 घरों में नौकरी करने वाले हैं. धीरे धीरे और भी संख्या बढ़ता ही जा रहा है. हमारा बढ़ौना पंचायत में आता है. यहां का मुख्य पेशा कृषि है, लेकिन वो वक्त बदल गया है और अब युवा खेती बाड़ी के साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं, जिसके चलते गांव में नौकरी भी होने लगी है. बचपन को याद करते हुए कहते हैं कि हमने जो बचपन देखा, उससे अब का जमाना अलग है.

About the AuthorAmit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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Jehanabad,Bihar

First Published :

August 30, 2026, 23:52 IST

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