बैंक खाते में जमा करवाई 16.16 लाख की साइबर फ्रॉड रकम, सेल्फ चेक से निकाले पैसे, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Last Updated:October 03, 2026, 14:01 IST
Ajmer Cyber Crime: अजमेर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम दूसरे बैंक खाते में जमा करवाने के मामले में लाडपुरा निवासी दीपेंद्र उर्फ दीपू रावत को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित के बैंक खाते में 16 लाख 16 हजार 500 रुपए की साइबर फ्रॉड राशि जमा करवाई गई थी, जिसे बाद में सेल्फ चेक से निकाला गया. खाता फ्रिज होने के बाद पीड़ित को रकम की जानकारी हुई.
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बैंक खाते में जमा करवाई 16.16 लाख की साइबर फ्रॉड रकम
अजमेर: शहर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने साइबर ठगी और फ्रॉड के मामलों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने साइबर फ्रॉड की अवैध राशि को अपने झांसे में लेकर दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कराने और निकलवाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान लाडपुरा निवासी दीपेंद्र उर्फ दीपू रावत के रूप में हुई है. पुलिस अब आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश किया जा सके.
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित मुकेश रावत ने न्याय की गुहार लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश के पर सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से जुड़ी धाराओं के औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित मुकेश रावत ने बताया कि उसने ‘अखिल भारतीय राजनीतिक’ के नाम से एक बैंक खाता खुलवा रखा था. इस बैंक खाते का उपयोग मुख्य रूप से राजनीतिक फंड की राशि के लेन-देन और प्रबंधन के लिए किया जाता था, जिसका संचालन वही करता था.
झांसे में लेकर कराई गई 16 लाख से अधिक की ठगीपीड़ित मुकेश ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में सनसनीखेज खुलासे किए हैं. उसने बताया कि उसके ही गांव लाडपुरा के रहने वाले आरोपी दीपेंद्र उर्फ दीपू रावत ने उसे अपने जाल में फंसाया. आरोपी ने विभिन्न तरीकों से उसे अपने झांसे में लिया और उसके उक्त बैंक खाते में कुल 16 लाख 16 हजार 500 रुपए की भारी-भरकम राशि जमा करवा दी. यह पूरी राशि साइबर फ्रॉड से जुड़ी हुई अवैध कमाई थी. आरोपी ने बड़ी चालाकी से पीड़ित को विश्वास में लिया था और भरोसा दिलाया था कि भविष्य में भी उसके खाते में जो रकम आएगी, वह सुरक्षित है और वह उसे लेकर कोई विवाद नहीं करेगा. इसके बाद, आरोपी ने सेल्फ (स्वयं) के नाम का चेक भरकर उस बैंक खाते से पूरी ठगी की राशि निकाल ली और चंपत हो गया.
बैंक खाता फ्रीज होने पर खुला ठगी का राजयह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब कुछ समय बाद पीड़ित मुकेश रावत का बैंक खाता अचानक साइबर सेल और बैंकों की सतर्कता के कारण फ्रीज कर दिया गया. जब मुकेश ने बैंक जाकर अपने खाते की स्थिति की जांच की और जानकारी जुटाई, तब उसे पता चला कि उसके खाते में आरोपी दीपेंद्र द्वारा जो बड़ी रकम जमा कराई गई थी, वह किसी अन्य के साथ किए गए साइबर फ्रॉड से जुड़ी हुई थी. खाता फ्रीज होने और सच्चाई सामने आने के बाद पीड़ित ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना. शिकायत के पुख्ता आधार और साक्ष्यों के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपेंद्र उर्फ दीपू रावत को दबोच लिया.
पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ जारीफिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी दीपेंद्र उर्फ दीपू रावत को हिरासत में लेकर उससे लगातार पूछताछ कर रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर फ्रॉड रैकेट में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं. इसके अलावा, ठगी की गई 16 लाख से अधिक की इस राशि को कहां-कहां ठिकाना लगाया गया है, इसकी भी वित्तीय जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 03, 2026, 14:01 IST



