संघर्ष की धूप में 24 साल तपता रहा ये एक्टर, 2025 में 1 ही रोल ने बना दिया स्टार, अनुराग कश्यप को मानते हैं गुरु

Last Updated:August 24, 2026, 04:01 IST
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कामयाबी रातोंरात मिलती हुई दिखाई देती है, लेकिन उसके पीछे सालों की मेहनत, इंतजार और संघर्ष छिपा होता है. कई एक्टर तो ऐसे होते हैं, जो बिना शोर किए लगातार काम करते रहते हैं और एक दिन उनकी मेहनत रंग लाती है. ऐसे ही एक अभिनेता हैं विनीत कुमार सिंह, जिन्होंने अपनी लगन और दमदार अभिनय से हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाई. आज वह अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी पहली फिल्म के साथ ही दर्शकों और समीक्षकों के दिलों में अपनी जगह बना लेते हैं. वहीं कुछ ऐसे भी है, जिन्हें एक पहचान पाने के लिए सालों लग जाते हैं. ऐसे ही एक अभिनेता हैं विनीत कुमार सिंह, जिनकी लीड एक्टर के तौर पर शुरुआत अनुराग कश्यप की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘मुक्काबाज’ से हुई थी. विनीत कुमार सिंह आज रविवार 24 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे हैं.
विनीत कुमार का जन्म 24 अगस्त 1981 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ, अभिनेता विनीत कुमार अपने बेहतरीन अभिनय के लिए जाने जाते है. उन्होंने खुद को कभी भी कैमरे और सेट तक सीमित नहीं रखा,उन्होंने हर तरह के रोल निभाए, जो काम मिला वो किया. लेकिन 24 साल बाद उन्हें अपनी सही जगह मिली.
विनीत को अनुराग फिल्म की फिल्म ‘मुक्काबाज’ से असली पहचान मिली. इसके बाद लोग उन्हें पहचानने लगे थे. फिल्म ‘मुक्काबाज’ के अपने रोल के लिए विनीत को दर्शकों से लेकर क्रिटिक्स तक से खूब तारीफ मिली थी. इस रोल के बाद वह रातों-रात सोशल मीडिया और सिनेम लवर्स की आंखों का तारा बन गए थे. यही वजह है कि वह कहते हैं कि वह अनुराग कश्यप को अपना गुरु मानते हैं.
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लेकिन असली और बड़ी पहचान पाना अभी भी बाकी था. वो मिली 24 साल बाद विक्की कौशल की फिल्म छावा से. बनारस से मुंबई पहुंचे विनीत का फिल्मी सफर मुश्किलों से भरा रहा है.समय-समय पर उन्होंने ऐसे रोल चुने हैं, जो मजबूत और अर्थपूर्ण होते हैं. चाहे इंडिपेंडेंट सिनेमा हो या मुख्यधारा की फिल्में, वह हर जगह अपने अभिनय से अलग छाप छोड़ते रहे.
साल 2025 में आई विक्की कौशल स्टारर छावा ने तो उनके करियर की दिशा ही पलट दी. मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजान द्वारा निर्मित इस फिल्म में उन्होंने अपने किरदार से एक अमिट छाप छोड़ी. निर्देशक लक्ष्मण उटेकर की कहानी समृद्ध और प्रभावशाली है, जिसे प्रतिभाशाली कलाकारों के शानदार अभिनय ने और भी बेहतर बनाया है.
फिल्म में विक्की कौशल के साथ उनके कवि कलश के किरदार को तो लोगों ने इतना पसंद किया कि वह रातोंरात स्टार बन गए. इस रोल के लिए उन्हें जी सिने अवॉर्ड्स में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड मिला.उनके करियर में एक नया मुकाम इस रोल के बाद जुड़ा. विनीत कुमार सिंह को यह सम्मान पीरियड फिल्म ‘छावा’ में उनके दमदार अभिनय के लिए दिया गया.
इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया, जिसमें भावनाओं की गहराई साफ नजर आई. समीक्षकों ने उनकी तारीफ की और माना कि फिल्म की सफलता में उनके किरदार का बड़ा योगदान रहा. उनकी परफॉर्मेंस फिल्म के सबसे प्रभावशाली पहलुओं में से एक मानी गई.
बता दें कि विनीत ऐसी जगह से आते हैं, जहां सफलता आसानी से नहीं मिलती,यही वजह है कि उन्हें मिलने वाली हर तारीफ और सम्मान उन्होंने अपनी मेहनत से कमाया हुआ है. उनको जो पहचान आज मिली है, वो उनके संघर्ष का प्रमाण है. वह अपने हर रोल में अपनी जी जान लगा देते हैं.
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August 24, 2026, 04:01 IST



