Rajasthan

सिर्फ 3 अंगुलियों का शिवलिंग, सामने विराजते हैं शनिदेव… पाली के 1000 साल पुराने मंदिर का रहस्य

Last Updated:August 27, 2026, 09:42 IST

Pali Smallest Shivling Temple 2026: राजस्थान के पाली स्थित पानी दरवाजा क्षेत्र में 1000 वर्ष पुराना एक अनोखा शिव मंदिर है, जहां शिवलिंग का आकार मात्र तीन अंगुलियों के बराबर है. ‘शनि महाराज की ऐतिहासिक बगैची’ में स्थित इस मंदिर में शिव और शनिदेव की मूर्तियों का अनूठा संगम देखने को मिलता है. महाशिवरात्रि और सावन में यहां जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस सूक्ष्म शिवलिंग के दर्शन से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

इतिहासकारों और स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, यह मंदिर करीब एक हजार वर्ष पुराना माना जाता है. आकार में भले ही यहां स्थापित शिवलिंग महज तीन अंगुलियों जितना छोटा है, लेकिन इसकी दिव्यता और धार्मिक महत्व किसी विशाल ज्योतिर्लिंग से कम नहीं माना जाता. मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने सूक्ष्म स्वरूप में शिवलिंग के दर्शन बेहद दुर्लभ हैं. आकार छोटा होने के बावजूद इससे जुड़ी श्रद्धालुओं की आस्था और मान्यता बेहद व्यापक है. आइए आपको दिखाते हैं इस प्राचीन मंदिर से जुड़ी अनोखी गाथा.

देश के सबसे छोटे स्वरूपों में शामिल इस शिवलिंग की ऊंचाई और चौड़ाई महज तीन अंगुलियों के बराबर बताई जाती है, जिसे देखकर श्रद्धालु भी अचंभित रह जाते हैं. यह पावन स्थल पानी दरवाजा क्षेत्र में स्थित शनि महाराज की ऐतिहासिक बगैची के भीतर बना हुआ है. यहां भगवान शिव और शनि देव की उपासना का अनोखा संगम देखने को मिलता है. धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक मान्यताओं के कारण यह छोटा सा शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

मंदिर प्रांगण के बीचों-बीच स्थापित इस अनोखे शिवलिंग को पहली नजर में देख पाना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसका आकार महज तीन अंगुलियों जितना है. शिवलिंग के ठीक सामने भगवान शनिदेव की प्रतिमा भी स्थापित है. भगवान शिव और शनिदेव का यह अद्भुत संगम मंदिर की खास पहचान बना हुआ है. वहीं मंदिर की प्राचीन बनावट और यहां मौजूद धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है.

Add as Preferred Source on Google

महाशिवरात्रि और सावन के पवित्र महीने में यहां विशेष जलाभिषेक और श्रृंगार किया जाता है. सूक्ष्म आकार के शिवलिंग पर एक-एक बूंद जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालु तड़के से ही लंबी कतारों में लग जाते हैं. भगवान शिव का अभिषेक करने और उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं. वहीं आम दिनों में भी सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है.

स्थानीय निवासियों की मान्यता है कि इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मन को शांति मिलती है. तीन अंगुलियों के आकार वाले इस सूक्ष्म शिवलिंग का जलाभिषेक करते समय श्रद्धालु विशेष सावधानी और पूरी श्रद्धा का भाव रखते हैं. शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :

August 27, 2026, 09:42 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj