स्किन को निखारने के चक्कर में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 4 गलतियां? आज से छोड़ दें ये आदतें, वरना चेहरे पर दिखेगा उल्टा असर

स्वस्थ, साफ और चमकदार त्वचा हर किसी की चाहत होती है. इसके लिए लोग महंगे सीरम, क्रीम और तरह-तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई बार त्वचा को बेहतर बनाने की कोशिश में हम ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं. डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के मुताबिक स्किनकेयर में हमेशा ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होता. एक सिंपल और जरूरत के हिसाब से बनाया गया रूटीन त्वचा के लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है.
आइए जानते हैं ऐसी 4 आदतों के बारे में, जिन्हें आपको छोड़ देना चाहिए…
1. बहुत सारे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स एक साथ लगाना
आजकल मार्केट में कई तरह के सीरम, एसिड, टोनर और एक्टिव इंग्रेडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स मौजूद हैं. हर प्रोडक्ट का अलग फायदा देखकर लोग कई चीजों को एक साथ रूटीन में शामिल कर लेते हैं. लेकिन ऐसा करने से त्वचा में जलन, लालिमा, रूखापन या इरिटेशन की समस्या हो सकती है, खासकर जब कई एक्टिव इंग्रेडिएंट्स एक साथ इस्तेमाल किए जाएं. इसलिए स्किनकेयर रूटीन को सिंपल रखना बेहतर है. सुबह क्लींजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जैसे बेसिक स्टेप्स काफी हो सकते हैं. रात में क्लींजर, जरूरत के अनुसार कोई एक ट्रीटमेंट या सीरम और मॉइश्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है.
2. मेकअप या सनस्क्रीन लगाकर सो जाना
दिनभर बाहर रहने के बाद चेहरे पर मेकअप, सनस्क्रीन, पसीना, तेल और धूल जमा हो सकती है. ऐसे में बिना चेहरा साफ किए सोना त्वचा के लिए अच्छा नहीं माना जाता. मेकअप और त्वचा पर जमा गंदगी पोर्स को बंद करने में योगदान दे सकती है और कुछ लोगों में ब्रेकआउट या इरिटेशन की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. मेकअप किया है तो पहले उसे हटाएं और फिर अपनी त्वचा के अनुसार माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें.
3. पिंपल्स को बार-बार फोड़ना
चेहरे पर पिंपल निकलते ही उसे दबाने या फोड़ने का मन करता है, लेकिन यह आदत त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है. पिंपल को दबाने से सूजन और आसपास की त्वचा को नुकसान बढ़ सकता है. इससे घाव बनने, इंफेक्शन और बाद में काले निशान पड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए पिंपल को हाथ लगाने के बजाय उसे अपने आप ठीक होने दें. जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से सही ट्रीटमेंट लिया जा सकता है.
4. ‘नेचुरल’ या ‘क्लीन’ प्रोडक्ट को हमेशा सुरक्षित मानना
किसी प्रोडक्ट पर ‘Natural’, ‘Herbal’ या ‘Clean’ लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर तरह की त्वचा के लिए सुरक्षित या बेहतर ही होगा. प्राकृतिक इंग्रेडिएंट्स भी कुछ लोगों में एलर्जी या इरिटेशन पैदा कर सकते हैं. इसलिए केवल पैकेजिंग या मार्केटिंग दावों के आधार पर प्रोडक्ट न चुनें. अपनी त्वचा के प्रकार और जरूरत को समझें और नए प्रोडक्ट को रूटीन में शामिल करने से पहले उसके इंग्रेडिएंट्स पर ध्यान दें. अगर त्वचा पर लगातार जलन, लालिमा या मुंहासों की समस्या बनी रहती है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है.



