हिमाचल प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों में एडमिशन फार्म से हटेगा जाति का कॉलम, सीएम सुक्खू ने दिए आदेश, अगले सत्र से लागू होगा फैसला

Last Updated:August 27, 2026, 08:21 IST
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया है. अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक में सीएम ने यह निर्देश दिए हैं.
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया है. सुक्खू ने बुधवार को यहां हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड (एचपीएससीडब्ल्यूबी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज से जाति आधारित भेदभाव खत्म करने तथा भाईचारे और समानता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि दाखिला फॉर्म से जाति का कॉलम हटाना इसी दिशा में एक कदम होगा.
आधिकारिक बयान के अनुसार, सुक्खू ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति समुदाय के विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और लाभों का फायदा उठाने के लिए अपनी जाति का विवरण देना जारी रखना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और इनके लाभों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के तहत राज्य सरकार 100 किलोवाट से दो मेगावाट तक की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी दे रही है. जनजातीय क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए पांच प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में चार प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है.
सुक्खू ने कहा कि सरकार मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार अत्यंत गरीब परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ लागू करने जा रही है. इसके तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, जबकि इन परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी.
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में उनके विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 315 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. शांडिल ने बताया कि इसके अलावा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत 1,105 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है.
About the AuthorVinod Kumar Katwal
Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…
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Shimla,Shimla,Himachal Pradesh
First Published :
August 27, 2026, 08:10 IST



