World

अफगानिस्तान की गुफा में मिला 12 फीट का दैत्य! 500 KG वजन और 6-6 उंगलियों, फिर शुरू हुई चर्चा

अफगानिस्तान के कंधार से जुड़ी एक रहस्यमयी कहानी करीब दो दशक बाद फिर चर्चा में है. दावा किया जाता है कि अमेरिकी सैनिकों का सामना वहां 12 फीट लंबे एक रहस्यमयी इंसान जैसे जीव से हुआ था. ये कहा जाता है कि उसके हाथों और पैरों में छह-छह उंगलियां थीं. बाल लाल थे और उसका वजन करीब 500 किलो था.

यहां तक दावा किया जाता है कि उसकी लाश को अमेरिकी सैन्य विमान से वहां से ले जाया गया. लेकिन सवाल सबसे बड़ा यही है कि  क्या कंधार का यह जायंट सच में मौजूद था?

क्या है जायंट ऑफ कंधार की कहानी?

कहानी के मुताबिक, अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की एक टीम अचानक लापता हो गई थी. उनकी तलाश में निकले सैनिक एक गुफा तक पहुंचे. यहीं पर एक विशालकाय इंसान जैसा जीव बाहर आया और सैनिकों पर हमला कर दिया.

ये कहा जाता है कि इस हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. इसके बाद बाकी सैनिकों ने उस जीव पर गोली चला दी और उसे मार गिराया. दावा है कि वह जीव करीब 10 से 12 फीट लंबा था और उसका वजन लगभग 500 किलो था.

उसकी स्किन सफेद या हल्के रंग की, शरीर बेहद मजबूत और बाल लाल या भूरे बताए जाते हैं. सबसे अजीब दावा यह है कि उसके दोनों हाथों और पैरों में छह-छह उंगलियां थीं.

क्या उसकी लाश को अमेरिकी विमान से ले जाया गया?

इस कहानी का एक और हैरान करने वाला हिस्सा अमेरिकी सैन्य विमान से जुड़ा है. रिसर्चर्स टिमोथी अल्बेरिनो ने पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति से बात की थी, जो अमेरिकी सैन्य विमान का पायलट था.

पायलट के बारे में दावा किया गया कि उसने विमान में एक बड़े शरीर को तिरपाल से ढका हुआ देखा था. उसके मुताबिक शरीर के हाथ, पैर और सिर का कुछ हिस्सा दिखाई दे रहा था. दावा है कि उसके लाल बाल और छह-छह उंगलियां थीं.

यह भी कहा गया कि शरीर को पैलेट समेत तौला गया था और कुल वजन करीब 1500 पाउंड यानी लगभग 680 किलो था. पैलेट का वजन निकालने के बाद उसका वजन करीब 500 किलो बताया गया. लेकिन यहां सबसे अहम बात है कि इस पायलट की पहचान साबित नहीं हुई है.

जो रोगन के पॉडकास्ट के बाद फिर चर्चा में

जुलाई 2026 में अल्बेरिनो ने जो रोगन के पॉडकास्ट पर इस कहानी को लेकर चर्चा की. जो रोगन ने भी कहा कि अल्बेरिनो की कहानियों में कंधार जायंट की कहानी ने उनका खास ध्यान खींचा. अल्बेरिनो का दावा था कि उन्होंने अफगानिस्तान में काम कर चुके कुछ लोगों से बात की. उन्होंने विशालकाय जीवों से जुड़ी ऐसी कहानियों को पूरी तरह खारिज नहीं किया.

उन्होंने यह भी दावा किया कि एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से जब कंधार के जायंट के बारे में पूछा गया तो वह जवाब नहीं दे पाया था. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

कई जायंट होने का दावा

कहानी को और रहस्यमयी बनाते हुए अल्बेरिनो ने दावा किया कि मामला सिर्फ एक जीव तक सीमित नहीं था. उनके मुताबिक इसे कंधार का जायंट नहीं, बल्कि कंधार के जायंट्स कहा जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना को ऐसे जीवों के बारे में जानकारी थी. लेकिन इस दावे के समर्थन में भी कोई सैन्य दस्तावेज सामने नहीं आया है.

कहानी करीब 20 साल पुरानी है

कंधार जायंट की कहानी अभी की नहीं है. यह कहानी कम से कम 2005 से इंटरनेट और रेडियो कार्यक्रमों में घूम रही है. रिसर्चर्स स्टीव क्वेल ने उस समय एक अमेरिकी वायुसेना अधिकारी से मिली जानकारी का हवाला देते हुए अफगानिस्तान में एक जायंट मिलने की बात कही थी.

साल 2008 में भी इसी कहानी को एक सैन्य पायलट के बयान के साथ दोबारा चर्चा में लाया गया. अब अल्बेरिनो और जो रोगन की बातचीत के बाद इस पुरानी कहानी को सोशल मीडिया पर फिर से खूब चर्चा मिल रही है.

लेकिन सबूत कहां हैं?

यहीं पूरी कहानी पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है. अब तक इस कथित जायंट को लेकर पुख्ता सबूत नहीं हैं. यानी पूरी कहानी मुख्य रूप से अनाम लोगों के कथित बयानों और बाद में की गई कहानियों पर टिकी हुई है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj