डूंगरपुर की 13 वर्षीय छात्रा ने पकड़ी बड़ी ‘राष्ट्रीय प्रतीक’ की कमी, पीएम मोदी को लिखा चौंकाने वाला सुझाव पत्र

Last Updated:June 17, 2026, 16:12 IST
Letter To PM Modi: डूंगरपुर की 13 वर्षीय छात्रा किम भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष विमान ‘एअर इंडिया वन’ पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है. उसका कहना है कि विमान के दरवाजे के खुलने पर अशोक स्तम्भ का पूरा स्वरूप दिखाई नहीं देता, जिससे राष्ट्रीय प्रतीक की गरिमा प्रभावित होती है. इसी को लेकर उसने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि प्रतीक को ऐसी जगह स्थापित किया जाए जहाँ वह हमेशा पूर्ण रूप से दिखाई दे.
डूंगरपुर की छात्रा किम भारतीय
डूंगरपुर. जिले की 13 वर्षीय छात्रा किम भारतीय ने अपनी सूक्ष्म निरीक्षण क्षमता से एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसने अब चर्चा का विषय बना दिया है. कक्षा आठ की इस छात्रा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है, जिसे लेकर अब लोग उसकी जागरूकता की सराहना कर रहे हैं. किम भारतीय नियमित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्राओं से जुड़ी खबरें और तस्वीरें देखती हैं. इसी दौरान उसने प्रधानमंत्री के विशेष विमान एयर इंडिया वन के दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया. उसे लगा कि दरवाजा खुलने पर प्रतीक का एक हिस्सा ढक जाता है, जिससे वह पूरी तरह दिखाई नहीं देता.
प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र
इस अवलोकन के बाद छात्रा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सुझाव दिया कि राष्ट्रीय प्रतीक को ऐसी जगह स्थापित किया जाए, जहां वह हर स्थिति में पूर्ण रूप से दिखाई दे. उसका कहना है कि प्रधानमंत्री के विमान से उतरने और चढ़ने के दृश्य विश्व स्तर पर प्रसारित होते हैं, इसलिए इन दृश्यों में देश के प्रतीक की पूर्ण और स्पष्ट छवि दिखना आवश्यक है.
राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान पर चिंता
छात्रा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय प्रतीक केवल एक चित्र नहीं है, बल्कि देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है. उसने इस बात पर जोर दिया कि इसका अपूर्ण रूप में दिखना उचित नहीं है. यह प्रतीक भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है. किम भारतीय की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है और इसे जागरूक नागरिकता का उदाहरण माना जा रहा है. लोगों का कहना है कि इस तरह की सजगता यह दर्शाती है कि देशहित से जुड़े मुद्दों पर उम्र कोई बाधा नहीं होती. छात्रा का यह कदम अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जहां इसे एक सकारात्मक और जिम्मेदार सोच के रूप में देखा जा रहा है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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