3 जीवनदान, 20वां अर्धशतक…भारत लगातार छठी बार महिला एशिया कप फाइनल में पहुंचा

नई दिल्ली. दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखी. बांग्लादेश के खिलाफ 40 रनों की दमदार जीत दर्ज करते हुए भारत ने लगातार छठी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की की. साल 2012 में जब से एशिया कप को टी20 फॉर्मेट में बदला गया है, तब से लेकर अब तक भारतीय टीम हर बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है. इस शानदार रिकॉर्ड के दौरान भारत ने तीन बार ट्रॉफी उठाई है, जबकि दो बार उसे उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा.
कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुआई में मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. पारी की शुरुआत करते हुए 22 वर्षीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का बीड़ा उठाया. हालांकि, शेफाली की इस पारी में किस्मत ने भी उनका पूरा साथ दिया. बांग्लादेशी फील्डरों ने उन्हें तीन अलग-अलग मौकों पर जीवनदान दिए . जब वह 6, 11 और 56 रन के निजी स्कोर पर थीं. इन मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए शेफाली ने धमाकेदार बल्लेबाजी की और अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 20वां अर्धशतक जड़ दिया.
भारत ने महिला एशिया कप फाइनल में बनाई जगह.
शेफाली और दीप्ति की धमाकेदार बल्लेबाजी
शेफाली ने अलग-अलग साझेदारियों के जरिए पारी को गति दी. उन्होंने प्रतिका रावल के साथ मिलकर पहले 50 रनों की अहम साझेदारी की और फिर कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ 33 रन जोड़े. ऊपरी क्रम की इस ठोस नींव के बाद आखिरी ओवरों में आगरा की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने आकर तहलका मचा दिया. दीप्ति ने महज 6 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 13 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसने भारत के स्कोर को 20 ओवरों में लक्ष्य के लिए एक मजबूत स्थिति यानी 150 रनों तक पहुंचा दिया.
बांग्लादेशी पारी लड़खड़ाई
बांग्लादेश को जीत के लिए 150 रनों की चुनौती मिली थी, लेकिन भारतीय स्पिनरों के बुने जाल के सामने उनकी एक न चली. जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही और पूरी टीम 20 ओवरों में 109 रनों पर ही सिमट गई.
भारतीय स्पिनरों का बरपा कहर
गेंदबाजी में भारत की तरफ से सबसे बड़ा योगदान दीप्ति शर्मा का रहा. बल्लेबाजी में अंतिम ओवरों में आक्रामक रुख दिखाने के बाद दीप्ति ने गेंद से भी कहर ढाया और अपने 4 ओवर के स्पेल में 26 रन देकर 3 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. दीप्ति के अलावा नंदनी शर्मा ने भी सटीक गेंदबाजी करते हुए 2 सफलताएं अपने नाम कीं. वहीं, प्रेमा रावत और एन. श्री चरणी को भी एक-एक विकेट मिला.
श्री चरणी के नाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड
यह मुकाबला युवा गेंदबाज श्री चरणी के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक साबित हुआ. अपने इस एक विकेट के साथ ही उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 50 विकेट पूरे कर लिए. इसके साथ ही श्री चरणी ने एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया. उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में भारत की तरफ से टी20 फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में पूनम यादव के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. श्री चरणी के नाम अब इस साल इस फॉर्मेट में 35 विकेट दर्ज हो चुके हैं.
ढीली फील्डिंग बनी चिंता का सबब
हालांकि, मैच में जीत और इतिहास रचने के बावजूद भारतीय टीम का फील्डिंग प्रदर्शन चिंता का विषय रहा. पूरे मैच में भारतीय फील्डरों की तरफ से काफी ढिलाई देखने को मिली. प्रतिका रावल ने कैच लपकने के दो आसान मौके गंवाए, तो वहीं स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना से भी बाउंड्री लाइन पर कैच छूट गया. भारतीय टीम के इस निराशाजनक कैचिंग और फील्डिंग प्रदर्शन के कारण बांग्लादेशी बल्लेबाजों को कई जीवनदान मिले, लेकिन इसके बावजूद वे इस बड़े लक्ष्य के दबाव को झेल नहीं सकीं और भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने बेबस नजर आईं.
फाइनल में किससे होगी भिड़ंत?
इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने खिताबी मुकाबले के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है, जहां शुक्रवार को उनका सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा. दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है. अगर श्रीलंका इस मुकाबले को जीतता है, तो फाइनल में 2024 के खिताबी मुकाबले का रीमैच देखने को मिलेगा. भारतीय टीम अपनी फील्डिंग की कमियों को सुधारकर छठी बार एशिया का ताज अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.



