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आखिरी गेंद पर जीत के लिए चाहिए थे 3 रन, कप्तान ने विकेटकीपर समेत पूरी टीम को बाउंड्री पर भेज दिया! फिर बदल गए क्रिकेट के नियम!

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आखिरी गेंद..कप्तान ने पूरी टीम को बाउंड्री पर भेजा! फिर बदल गए क्रिकेट के नियम

Last Updated:August 20, 2026, 13:52 IST

Fielding restriction rules: इंग्लैंड के कप्तान माइकल ब्रेयरली ने वेस्टइंडीज को आखिरी गेंद पर जीत के लिए जरूरी तीन रन बनाने से रोकने के लिए ऐसी फील्डिंग सेट की कि उस शाम के बाद वर्ल्ड क्रिकेट ही बदल गया. क्रिकेट में फील्ड रिस्ट्रिक्शन का नियम उसी मैच के बाद जरूरी समझा गया.आखिरी गेंद..कप्तान ने पूरी टीम को बाउंड्री पर भेजा! फिर बदल गए क्रिकेट के नियमZoomक्रिकेट में फील्ड रिस्ट्रिक्शन का नियम कैसे लागू हुआ

क्रिकेट में हर नियम के पीछे एक कहानी है. किसी भी रूल को यूंही लागू नहीं कर दिया गया. पहले उसकी जरूरत महसूस हुई फिर अहम बदलाव किए गए और उसमें लगातार सुधार भी होता रहता है. मसलन फील्ड रिस्ट्रिक्शन रूल को ही ले लीजिए. यानी कप्तान अपने हिसाब से कभी भी कैसी भी फील्डिंग नहीं लगा सकता. 30-यार्ड सर्कल के बाहर कितने खिलाड़ी खड़े किए जा सकते हैं, इसकी अधिकतम सीमा तय है. मगर ये नियम हमेशा से नहीं था.

लेकिन यह नियम आया कहां से?जैसा कि आप जानते हैं कि वनडे क्रिकेट में फील्ड रिस्ट्रिक्शन का रूल हमेशा से नहीं था. 1979 वर्ल्ड कप सीरीज में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच मैच में कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद से वर्ल्ड क्रिकेट हमेशा-हमेशा के लिए बदल गया. दरअसल, आखिरी गेंद पर वेस्टइंडीज को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे. ऐसे में इंग्लैंड के महान कप्तानों में शुमार माइक ब्रेयरली ने बाउंड्री बचाने के चक्कर में अपने सारे फील्डर्स को बाउंड्री पर भेज दिया था. यहां तक कि विकेटकीपर डेविड बेयरस्टो (जॉनी बेयरस्टो के पिता) को भी बाउंड्री पर लगा दिया. ऐसे में बल्लेबाज कॉलीन क्रोफ्ट के पास बड़ा शॉट खेलने के सिवाय कोई चारा नहीं था. उन्होंने गेंद को हिट करने की कोशिश की, लेकिन वह क्लीन बोल्ड हो गए.

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