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ग्राउंड रिपोर्ट: धूल धूसरित हो रही धौलपुर की धरोहर, कभी भी ढह सकता है ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर 

Last Updated:December 03, 2025, 16:23 IST

ग्राउंड रिपोर्ट : धौलपुर रियासतकाल में बना श्री राम जानकी मंदिर आज अपनी पहचान खोने के कगार पर है. जर्जर दीवारें, टूटा फर्श और कभी भी गिरने को तैयार छत इस ऐतिहासिक धरोहर पर बड़ा खतरा बन चुके हैं. बरसात में सरोवर का पानी अंदर भर जाने से पूजा तक रुक जाती है. समय रहते संरक्षण न हुआ तो यह अनमोल धरोहर इतिहास बनकर रह जाएगी.

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सचिन शर्मा/धौलपुर : धौलपुर रियासत के महाराज भगवंत सिंह ने 1856 में एक ऐतिहासिक श्री राम जानकी मंदिर का निर्माण कराया था. धौलपुर में रियासतकाल के समय बना श्री राम जानकी मंदिर कभी धौलपुर रियासत की मुख्य धरोहर हुआ करता था. लेकिन आज यह ऐतिहासिक मंदिर जर्जर होता जा रहा है. मंदिर परिसर में जमीन पर बना फर्श टूटा हुआ पड़ा है फर्श में कहीं भी सीमेंट का अवशेष तक दिखाई नहीं देता है. मंदिर परिसर की छतों की पट्टी टूटी हुई है जो कभी भी गिर सकती है और यहां पर बड़ा हादसा हो सकता है.

मंदिर परिसर में चौक और बरामदों की दीवारों मैं दरारे लगातार बढ़ती जा रही हैं जो कभी भी ढह सकती हैं. ये ऐतिहासिक मंदिर आधा पानी में डूबा हुआ है और आधा पानी के ऊपर बना हुआ है. बरसात के समय में मचकुंड सरोवर में ज्यादा पानी आ जाने से श्री राम जानकी मंदिर में भी मचकुंड सरोवर का पानी आ जाता है जिससे कई दिनों तक श्री राम जानकी मंदिर की पूजा अर्चना भी नहीं हो पाती है. अगर इस ऐतिहासिक मंदिर पर जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो यह मंदिर अपना इतिहास हमेशा के लिए खो बैठेगा.

श्री राम जानकी मंदिर की हालत दयनीयडॉ डीके बंसल श्री राम जानकी मंदिर में रोज पूजा अर्चना करने और घूमने के लिए आते हैं तो उन्होंने बताया यह मंदिर अत्यंत प्राचीन मंदिर है और इस मंदिर में साधकों के लिए एक प्रेरणा देखने को मिलती है क्योंकि यहां पर ऐसा लगता है कि खुद भगवान श्री राम यहां पर विराजमान हैं पर दुर्भाग्य यह है की यह ऐतिहासिक मंदिर अपनी पहचान खोता जा रहा है. मंदिर अंदर और बाहर से जर्जर अवस्था में है और देवस्थान विभाग इसकी देखभाल भी अच्छे से नहीं करवा पा रहा है.

ऐतिहासिक धरोहर ढहने के कगार परइतिहासकार अरविंद कुमार शर्मा कहते हैं की श्री राम जानकी मंदिर की जर्जर हालत को देखकर मन व्यथित होने लगता है. क्योंकि मंदिर का रखरखाव और वर्तमान भौतिक स्थिति काफी जर्जर अवस्था में है और इस मंदिर परिसर की छत कभी भी ढह सकती है और मंदिर का वर्तमान फर्श पूरी तरह से अविकसित अवस्था में है पूरा फर्श उबड़-खाबड़ की स्थिति में पड़ा है. जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग और समाज के लोगों से निवेदन है कि श्री राम जानकी मंदिर को उचित संरक्षण प्रदान हो इस ऐतिहासिक धरोहर की मरम्मत और जीर्णोद्धार कराने की बहुत आवश्यकता है अगर इस मंदिर का जीर्णोद्वार नहीं हुआ तो हमारी आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक मंदिर को नहीं देख पाएंगी.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

Location :

Dhaulpur,Rajasthan

First Published :

December 03, 2025, 16:23 IST

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1856 में बना श्री राम जानकी मंदिर खतरे में! जर्जर हालात, छत कभी भी ढह सकती है

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