Rajasthan

चीनी मांझा बना पक्षियों के लिए खतरा

उदयपुर. उदयपुर शहर में सर्दियों की शुरुआत के साथ विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो चुका है, जिससे झीलों की नगरी की सुंदरता और बढ़ गई है. इसी बीच पुला क्षेत्र में एक धूसर बगुला (Grey Heron) घायल अवस्था में सड़क किनारे गिरा मिला, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और घबराहट फैल गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बगुला घरों के ऊपर उड़ रहा था, तभी अचानक नीचे गिर पड़ा. जांच में पता चला कि उसकी पंख पर चीनी मांझे की तेज धार ने गहरा घाव कर दिया था, जिससे वह उड़ान भरने में असमर्थ हो गया था. यह घटना एक बार फिर चीनी मांझे से वन्यजीवों को होने वाले गंभीर खतरे को उजागर करती है.

रेस्क्यू टीम ने संभाली मोर्चासूचना मिलते ही बर्ड रेस्क्यू कार्यकर्ता धर्मेंद्र पनीगर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि बगुले के पंख पर नायलॉन और धातु मिश्रित चीनी मांझे से गंभीर कट लग चुका था, जिसके कारण खून बह रहा था. समय पर रेस्क्यू न होने पर पक्षी की जान जा सकती थी. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता के लिए फोन किया, जिसकी वजह से पक्षी समय रहते बच गया.

इलाज: प्राथमिक उपचार के बाद घायल बगुले को वन विभाग को सौंप दिया गया, जहाँ उसका आगे का इलाज एक विशेष केंद्र में जारी है.

Grey Heron: दुर्लभ विदेशी पक्षीधूसर बगुला, जिसका वैज्ञानिक नाम Grey Heron है, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में पाया जाता है. यह एक दुर्लभ प्रवासी पक्षी है. यह पक्षी अपनी लंबी टांगों, लंबी गर्दन और धीमी उड़ान के लिए जाना जाता है. उदयपुर क्षेत्र में यह प्रजाति सर्दियों में देखने को मिलती है, लेकिन आबादी क्षेत्र में इसका घायल होकर गिरना लोगों के लिए चिंताजनक बात है.

चीनी मांझे से लगातार बढ़ रही घटनाएंराजस्थान सहित पूरे देश में चीनी मांझे से पक्षियों के घायल होने और मरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. नायलॉन और मेटल मिश्रित मांझा अत्यधिक धारदार होता है, जो पेड़ों और इमारतों में फंसकर पक्षियों को गंभीर चोट पहुंचाता है.

मकर संक्रांति खतरा: मकर संक्रांति के आसपास ऐसी घटनाओं में तेजी आती है, जब पतंगबाजी चरम पर होती है. वन विभाग और कई सामाजिक संगठन लंबे समय से चीनी मांझे पर सख्ती से प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांगघटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. रेस्क्यकर्ता धर्मेंद्र पनीगर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि चीनी मांझा न खरीदें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि इन बेजुबान पक्षियों की जान बचाई जा सके. वन विभाग का कहना है कि घायल बगुले की हालत सुधरने पर उसे जल्द ही प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा.

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