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₹400 करोड़ की जमीन का मालिक कौन? सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 14 साल पुराना फैसला, राजकुमारी दीया से क्या कनेक्शन

Agency:एजेंसियां

Last Updated:January 10, 2026, 12:21 IST

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए 14 साल पुराने फैसले को पलटते हुए केस को दोबारा ओपन कर दिया है. ये केस जयपुर ऑथरिटी और जयपुर राजघराने के बीच है. दरअसल, 400 करोड़ की कीमती जमीन को लेकर 14 साल पुराने फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी आई है.₹400 करोड़ की जमीन किसकी? SC ने पलटा पुराना फैसला, राजकुमारी दीया से कनेक्शनराजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी के पूर्व राजपरिवार से जुड़े 400 करोड़ की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 14 साल पुराने फैसले को रद्द कर दिया है. (Photo- diyakumariofficial)

Supreme Court News on Jaipur ₹400cr Land: राजधानी जयपुर के केंद्र में स्थित करोड़ों की जमीन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में अब एक नया मोड़ आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने हथरोई गांव (जो अब आधुनिक जयपुर का हिस्सा है) की ₹400 करोड़ की भूमि पर निचली अदालत के 2011 के फैसले को अंतिम मानने से इनकार कर दिया है. अदालत ने साफ कहा कि इतने बड़े सार्वजनिक हित और सरकारी संपत्ति से जुड़े मामले को केवल तकनीकी कारणों से बंद नहीं किया जा सकता.

पहले जानना जरूरी है कि ये पूरा विवाद क्या है ? दरअसल, यह विवाद जयपुर के हथरोई इलाके की उस जमीन से जुड़ा है, जहाँ आज बड़े स्कूल, अस्पताल और नागरिक बुनियादी ढांचा मौजूद है. अब इसमें JDA का दावा है कि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि ‘सिवाय चक’ (सरकारी बंजर भूमि) के रूप में दर्ज है. प्राधिकरण का कहना है कि 1990 के दशक में इस जमीन पर कब्जा लिया गया था. 1949 के विलय समझौते (Covenant) में यह कभी भी राजपरिवार की निजी संपत्ति के रूप में सूचीबद्ध नहीं थी.

राजपरिवार ने क्या कहा?

पूर्व राजपरिवार का दावा है कि यह उनकी निजी संपत्ति है और 1949 के समझौते के तहत इसे मान्यता प्राप्त है. साल 2011 में एक ट्रायल कोर्ट ने राजपरिवार के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे JDA ने चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और हाईकोर्ट को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा JDA की अपील को बिना मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर सुने ही खारिज करने को गलत माना. अदालत ने निर्देश दिया है कि:

हाईकोर्ट अगले चार सप्ताह के भीतर JDA की पहली अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई कर निर्णय ले.
इस संबंध में एक अनुपालन रिपोर्ट भी पेश की जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने देरी के कारण JDA पर ₹50,000 का हर्जाना भी लगाया है.

क्यों अहम है यह फैसला?

यह जमीन अब जयपुर के प्राइम लोकेशन में आती है और इसकी कीमत ₹400 करोड़ से भी अधिक आंकी गई है. यदि JDA अपनी अपील में सफल रहता है, तो यह बेशकीमती जमीन सरकार के पास रहेगी. वहीं, राजपरिवार के लिए यह उनकी ऐतिहासिक और संवैधानिक विरासत को साबित करने की बड़ी जंग है.

About the AuthorDeep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

January 10, 2026, 12:21 IST

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₹400 करोड़ की जमीन किसकी? SC ने पलटा पुराना फैसला, राजकुमारी दीया से कनेक्शन

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