थलापति विजय सरकार, तमिलनाडु में 717 TASMAC दुकानें बंद

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थलापति विजय फुल फॉर्म में, मंदिरों-स्कूल के आसपास दारू के ठेके बंद, जनता गदगद
Last Updated:May 12, 2026, 09:01 IST
Thalapathy Vijay Strict Action: थलापति विजय की तमिलनाडु सरकार ने मंदिर, स्कूल और बस स्टैंड के पास स्थित TASMAC की 717 शराब दुकानों को दो हफ्ते में बंद करने का आदेश दिय है. उन्होंने सीएम की कुर्सी संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर यह फैसला लिया है. उनके इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है. 
तमिलनाडु की सीएम की कुर्सी संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर थलापति विजय ने एक बड़ा फैसला लिया है.
Thalapathy Vijay Strict Action: एक्टर थलापति विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है. ये सभी दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील इलाकों के करीब स्थित थीं. मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद आम लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है और सोशल मीडिया पर भी फैसले की जमकर चर्चा हो रही है.
सरकार के मुताबिक तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन यानी TASMAC फिलहाल राज्य में 4,765 शराब की दुकानों का संचालन कर रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने पूरे राज्य में विशेष सर्वे किया, जिसमें उन दुकानों की पहचान की गई जो धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के बेहद करीब थीं. सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि 276 शराब दुकानें मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों के पास थीं. वहीं 186 दुकानें स्कूल और कॉलेजों के नजदीक संचालित हो रही थीं, जबकि 255 दुकानें बस स्टैंड के आसपास थीं. इन सभी 717 दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद करने का निर्देश दिया गया है.
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शराब बिक्री पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना और जनता की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान करना है. खासकर महिलाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि स्कूलों और मंदिरों के पास शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए.
राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है. कई लोग इसे मुख्यमंत्री विजय की जनभावनाओं को समझने वाली राजनीति बता रहे हैं. तमिलनाडु में लंबे समय से शराब नीति को लेकर बहस होती रही है और TASMAC दुकानों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी होते रहे हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश माना जा रहा है.
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मुख्यमंत्री विजय की तारीफ करते हुए लिखा कि थलापति अब सिर्फ फिल्मों में नहीं, प्रशासन में भी फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं. वहीं विपक्षी दल भी इस फैसले पर खुलकर विरोध करने से बचते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि मामला सीधे जनता की भावनाओं से जुड़ा हुआ है.
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