Rajasthan

राजस्थान में पहला मेमू शेड तैयार, मेड़ता रोड पर 60 करोड़ की परियोजना, अब ट्रेन सफर होगा तेज और आसान

Last Updated:April 16, 2026, 14:55 IST

Nagaur News Hindi : राजस्थान में रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. मेड़ता रोड जंक्शन पर प्रदेश का पहला मेमू शेड विकसित हो रहा है, जिस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. इस परियोजना से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन तेज होगा और यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित व समयबद्ध यात्रा सुविधा मिल सकेगी.

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अधीन आने वाले मेड़ता रोड जंक्शन पर प्रदेश का पहला मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) शेड विकसित किया जा रहा है. इसे तैयार करने में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. रेलवे की इस परियोजना राजस्थान में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. इससे रेलवे का न केवल तकनीकी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल संचालन को अधिक प्रभावी और यात्रियों की सुवधा के हिसाब से ढाला जा सकेगा.

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में मेड़ता रोड पर कार शेड संचालित है, जहां डीजल आधारित ट्रेनों का नियमित अनुरक्षण और होमिंग कार्य किया जाता है. अब रेलवे प्रशासन द्वारा इस शेड को आधुनिक मेमू शेड में परिवर्तित किया जा रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक ट्रेनों के रखरखाव और संचालन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

उन्होंने बताया कि रेलवे ने इस परियोजना पर साल 2022-23 से कार्य शुरूकिया था. वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. अपग्रेडेशन के तहत पिट लाइनों का विद्युतीकरण, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का विकास, सिविल संरचनाओं का निर्माण और मेमू रेक के अनुरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं. इसके अलावा व्हील लेथ, इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस सिस्टम और अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया जा रहा है.

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इन अभी आधुनिक सुविधाओं से शेड की कार्यक्षमता और अधिक मजबूत होगी. इसके अलावा जोधपुर मंडल के अधिकांश रेल खंडों का विद्युतीकरण लगभग पूरा हो चुका है, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं. ऐसे में मेमू ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए एक आधुनिक शेड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. यह परियोजना उसी आवश्यकता को पूरा करेगी और भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेमू शेड के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद जोधपुर मंडल में ट्रेनों का संचालन और अधिक सुचारू और तेज हो जाएगा. इससे यात्रियों को कम समय में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिलगी. साथ ही विभिन्न रूटों पर स्टॉपेज के बीच समय कम होगा, जिससे कुल यात्रा अवधि में कमी आएगी और ट्रेनों की समयपालनता में भी सुधार देखने को मिलेगा, जो यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी.

उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा डीजल आधारित ट्रेनों से इलेक्ट्रिक ट्रेनों की ओर तेजी से बदलाव किया जा रहा है. इस बदलाव से प्रदूषण में कमी आएगी और ईंधन की खपत घटने से रेलवे की परिचालन लागत भी कम होगी. मेड़ता रोड पर विकसित हो रहा यह शेड राजस्थान का पहला मेमू शेड होगा. इसके शुरू होने से उत्तर पश्चिम रेलवे में मेमू ट्रेनों के अनुरक्षण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. अनुमान है कि इस शेड के माध्यम से करीब 50 रेक के रखरखाव की सुविधा विकसित हो सकेगी.

First Published :

April 16, 2026, 14:53 IST

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