Rajasthan

धौलपुर की किस्मत बदल देगी कालीतीर लिफ्ट परियोजना, 483 गांवों को मिलेगा पीने का शुद्ध पानी, शुरू हुआ काम

Last Updated:April 16, 2026, 13:39 IST

Kaliteer Lift Project Dholpur : धौलपुर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. जिले को पेयजल संकट से निजात दिलाने वाली बहुप्रतिक्षित कालीतीर लिफ्ट परियोजना का काम शुरू हो गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो अगले साल सितंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा. इस परियोजना से बाड़ी, बसेड़ी, धौलपुर और सरमथुरा इलाके के 483 गांवों को साफ सुथरा पानी पीने को मिल सकेगा. वहीं इलाके में सिंचाई क्षेत्र का दायरा भी बढ़ जाएगा. धौलपुर की किस्मत बदल देगी कालीतीर लिफ्ट परियोजना, शुरू हुआ कामZoomकालीतीर लिफ्ट परियोजना से बाड़ी, बसेड़ी, धौलपुर और सरमथुरा इलाके के 483 गांवों को फायदा होगा.

धौलपुर. धौलपुर जिले की जीवनदायिनी नदी चंबल से अब एक बड़े क्षेत्र में सिचाई और पेयजल के लिए पानी देने के लिए बहु‌प्रतीक्षित कालीतीर लिफ्ट परियोजना पर कार्य शुरू हो गया है. परियोजना पर करीब 800.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस परियोजना से जिले के सबसे बड़े बांध पार्वती और रामसागर में तीन माह तक लिफ्ट कर पानी छोड़ा जाएगा. बांधों में भरे गए अतिरिक्त पानी को सिंचाई के साथ साथ जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) जिले में निरंतर पानी सप्लाई बना रख सकेगा. इससे जल संकट से जूझ रहे आमजन को आगामी दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है. यह परियोजना के सितंबर 2027 तक पूरी होने का अनुमान है. इससे परियोजना से 483 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा.

कालीतीर लिफ्ट परियोजना 25 मई 2023 से स्वीकृत हुई थी. लेकिन कार्य शुरू नहीं हो पाने से विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हो रखा था. परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अवाप्त हो गई और करीब 40 प्रतिशत मुआवजा राशि का भुगतान भी किया जा चुका है. परियोजना के तहत बांधों तक पानी पहुंचाने के लिए 10 किलोमीटर लंबी एमएस अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इन पाइप लाइनों से पार्वती और रामसागर बांध में लिफ्ट कर पानी छोड़ा जाएगा. इसके लिए 2 आधुनिक पम्पिंग स्टेशनों का निर्माण होना है. पम्पिंग स्टेशनों को चलाने के लिए यहां 132 केवी जीएलएस स्टेशन तैयार किया जाएगा. इससे निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई मिल सकेगी. बीते दो वर्षों में परियोजना पर लगभग 294 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. पाइप लाइन समेत अन्य सामग्री पहुंच चुकी है. परियोजना में देरी की वजह आवश्यक वनभूमि एवं वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियां थी. वो अब मिल चुकी है.

दो पम्पिंग स्टेशनों से भरे जाएंगे बांधकालीतीर परियोजना के तहत सरमथुरा तहसील के तहत आने वाले मदनपुर गांव के पास से ही चंबल नदी बह कर निकल रही है. बारिश के दौरान नदी में पानी बहकर यूपी की तरफ जाता है. अब वहां से निकलने वाली जलधारा में से पानी लिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए यहां पर दो पम्पिग स्टेशन बनाए जाएंगे. ये नदी से करीब 180 मीटर ऊंचाई तक पानी लिफ्ट कर बड़े बांध पार्वती और रामसागर को हर साल भरेंगे. हालांकि अच्छे मानूसन के दौरान बांधों में अममून पानी आता है. गत बार मानसून सीजन में तो पार्वती डेम से भारी मात्रा में पानी छोड़ना पड़ा था. लेकिन परियोजना से मानसून के दौरान बहकर निकलने वाले पानी का सदुपयोग हो सकेगा.

पानी केवल मानसूनी सीजन के दौरान ही लिया जा सकेगाकालीतीर परियोजना से पानी केवल मानसूनी सीजन के दौरान ही लिया जा सकेगा. यह पानी जुलाई से सितम्बर माह में लिया जाएगा. दो पम्पिंग स्टेशनों की पूरी क्षमता के साथ कार्य करने से नदी से पानी लिफ्ट कर प्रतिदिन 20 क्यूसेक पानी (करीब 20.39 लाख लीटर) छोड़ा जाएगा. इस पानी को भूमिगत लाइन के जरिए दोनों बांधों में छोड़ा जाएगा. बांधों के भरने से उनके अधीन सिंचित क्षेत्रों में नियमित रूप से सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. इससे किसानों को लाभ मिलेगा. इसके साथ ही पीएचइडी को मांग के अनुरूप 1548 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इससे जिले में पेयजल संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा.

483 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा
अधीक्षण अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि 800.04 करोड़ रुपये की लागत वाली इस लिफ्ट परियोजना का कार्य अब धरातल पर एक अप्रैल से शुरू हो गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के विशेषकर बाड़ी, बसेड़ी, धौलपुर एवं सरमथुरा क्षेत्रों के 483 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है. यह परियोजना वाइल्ड लाइफ और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के दायरे में थी. उसके चलते लंबे समय से अटकी हुई थी. अब आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. फिलहाल पाइपलाइन बिछाने और पंपिंग स्टेशनों के लिए फाउंडेशन खुदाई का काम जारी है. परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यदि तय समय में यह परियोजना पूरी होती है तो जिले के सैकड़ों गांवों को पेयजल संकट से बड़ी राहत मिलेगी.About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

April 16, 2026, 13:39 IST

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