मुर्गी-बकरी छोड़िए…! इस पक्षी का करें पालन, मुनाफे का सौदा, खरीदने के लिए टूट पड़ती भीड़

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मुर्गी-बकरी छोड़िए! इस पक्षी का करें पालन, मुनाफे का सौदा, टूटते हैं खरीदानर
Last Updated:April 23, 2026, 14:47 IST
Quail Farming: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसानों के बीच बटेर पालन तेजी से एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रहा है. कम लागत, कम जगह और कम समय में बेहतर मुनाफा देने वाला यह कारोबार अब पारंपरिक खेती के विकल्प के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है. खासकर गर्मी के मौसम में इसकी देखभाल अपेक्षाकृत आसान होने के कारण किसानों का रुझान लगातार इसकी ओर बढ़ रहा है.
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बटेर पालन किसानों के लिए एक बेहतर मुनाफा वाला व्यवसाय है, जिसके साथ किसान कम लागत और कम समय में एक अलग पहचान बना सकते हैं. और मोटी कमाई कर सकते हैं. ऐसे में आज के दौर में जहां किसान ज्यादातर मुनाफे वाला व्यवसाय खोजते हैं ऐसे में उनके लिए बटेर पालन मिल का पत्थर साबित होगा. चूंकि गर्मी के मौसम में बटेर पालन करना भी आसान है और लागत भी कम यही वजह है कि धीरे-धीरे किसानों का रुझान बटेर पालन की ओर झुक रहा है. देखिए ये रिपोर्ट
सीनियर साइंटिस्ट संदीप शर्मा के अनुसार, बटेर पालन एक बेहद लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें कम लागत और कम जगह की जरूरत होती है. बटेर के अंडे और मांस दोनों ही पौष्टिक होते हैं, जिनमें प्रोटीन और अमीनो अम्ल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं.
कम समय में तैयार, ज्यादा उत्पादन साइंटिस्ट ने लोकल 18 को बताया कि बटेर पालन की सबसे बड़ी खासियत इसका तेजी से उत्पादन देना है. बटेर लगभग 6 सप्ताह में अंडा देना शुरू कर देता है और एक साल में करीब 200 से 250 अंडे दे सकता है. वहीं, मांस के लिए भी यह केवल 5 से 6 सप्ताह में तैयार हो जाता है. वर्तमान में बाजार में बटेर की कीमत करीब ₹150 प्रति जोड़ा है, जिससे अच्छी आमदनी संभव है.
सर्दी में रखें खास ध्यान बटेर के रखरखाव में मौसम के अनुसार विशेष सावधानी जरूरी होती है, ठंड के मौसम में इन्हें गर्म रखने के लिए पीले बल्ब या हैलोजन लाइट का इस्तेमाल करना चाहिए. ठंड में बटेर एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे उनके दबकर मरने का खतरा रहता है. खासकर छोटे चूजों को कोनों में जमा होने से रोकने के लिए कोनों को गोल आकार में ढकना जरूरी है.
गर्मी में आसान देखभाल गर्मी के मौसम में बटेर को अतिरिक्त लाइट की जरूरत नहीं होती. इस दौरान सामान्य वेंटिलेशन और साफ-सफाई बनाए रखना ही पर्याप्त होता है, जिससे वे स्वस्थ रहते हैं. बटेर पालन में पानी और संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उनके आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होना जरूरी है, तभी वे नियमित रूप से अंडे देते हैं. पोषण की कमी होने पर अंडा उत्पादन घट जाता है.
प्राकृतिक आहार से बढ़ेगा मुनाफा जानिए कैसेबटेरों को मक्के का दाना पीसकर खिलाया जा सकता है. इसके साथ ही एजोला को अच्छी तरह धोकर देना भी लाभकारी होता है. सही पोषण और देखभाल से बटेर पालन को सफल और मुनाफे वाला व्यवसाय बनाया जा सकता है. यानी कम लागत, कम जगह और तेजी से उत्पादन देने वाला बटेर पालन आज के समय में किसानों और युवाओं के लिए आय का एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है. सही देखभाल और संतुलित आहार के साथ यह व्यवसाय लगातार अच्छा मुनाफा दे सकता है.
About the AuthorMohd Majid
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Location :
Surguja,Chhattisgarh
First Published :
April 23, 2026, 14:47 IST



