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Agri Entrepreneur Ajay Rain | पॉलीहाउस खेती से 20 लाख की कमाई | Success Story of Farmer Ajay Rain Bikaner

Last Updated:April 24, 2026, 05:21 IST

Success Story of Farmer Ajay Rain Bikaner: बीकानेर के किलचू देवडान गांव के युवा किसान अजय रैण ने पॉलीहाउस तकनीक से खेती की तस्वीर बदल दी है. उन्होंने एक एकड़ में खीरे की खेती कर सालाना 20 लाख रुपए तक की कमाई का लक्ष्य हासिल किया है. अजय के खेत का खीरा दिल्ली और पंजाब जैसे बड़े बाजारों में बिकता है, जहां उन्हें बेहतरीन भाव मिल रहे हैं. सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सब्सिडी का लाभ उठाकर उन्होंने खेती को मुनाफे वाले व्यवसाय में बदला है. अजय की सफलता आज राजस्थान के अन्य युवाओं के लिए एग्री-प्रिन्योर बनने की प्रेरणा दे रही है.

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बीकानेर के अजय रैण ने खीरे से कमाया 20 लाख का मुनाफाZoomपॉलीहाउस खेती से 20 लाख की कमाई

बीकानेर. बदलते दौर में खेती अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक सफल व्यवसाय का रूप ले रही है. इसका सबसे सटीक और जीवंत उदाहरण बीकानेर जिले के किलचू देवडान गांव के युवा किसान अजय रैण हैं. अजय ने पारंपरिक फसलों के बजाय आधुनिक तकनीक और सही वैज्ञानिक मार्गदर्शन को चुना और आज वे पॉलीहाउस में खीरे की खेती कर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा चुके हैं. कभी सामान्य आय के लिए संघर्ष करने वाले अजय आज सालाना करीब 20 लाख रुपए की कमाई कर एक सफल कृषक-उद्यमी के रूप में उभरे हैं.

अजय रैण की सफलता के पीछे उनकी सूझबूझ और बाजार की समझ है. उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस तकनीक अपनाने के बाद उनकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. मात्र एक एकड़ भूमि में वे साल में दो फसलें लेते हैं. इससे करीब 400 से 500 क्विंटल खीरे का बम्पर उत्पादन प्राप्त होता है. सबसे खास बात यह है कि उनके खेत का खीरा केवल बीकानेर तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता बेहतर होने के कारण इसकी मांग दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना और पंजाब जैसे बड़े महानगरों के बाजारों में रहती है. वहां उन्हें 22 रुपए से लेकर 40 रुपए प्रति किलो तक का अच्छा भाव मिल जाता है.

लागत और मुनाफे का गणितखेती को घाटे का सौदा मानने वालों के लिए अजय का गणित प्रेरणादायक है. अजय बताते हैं कि एक एकड़ में दोनों फसलों पर करीब 5 लाख रुपए तक का कुल खर्च आता है. यदि बाजार भाव अनुकूल रहे, तो कुल बिक्री 15 लाख रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक पहुंच जाती है. इस प्रकार, खर्च काटकर एक पॉलीहाउस से सालाना करीब 10 से 15 लाख रुपए और कभी-कभी इससे अधिक की शुद्ध आय संभव हो रही है. अजय का कहना है कि शुरुआत में उन्हें कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन उन्होंने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में लगातार सुधार किया और आज वे सफल हैं.

आधुनिक तकनीक और सरकारी अनुदानअजय की कामयाबी के पीछे सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि ‘स्मार्ट वर्क’ भी है. उन्होंने पॉलीहाउस के साथ-साथ फार्म पॉण्ड, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और वर्षा जल संरक्षण (Rainwater Harvesting) जैसी योजनाओं को अपने खेत पर लागू किया है. इससे पानी की बचत के साथ-साथ पौधों को संतुलित पोषण मिलता है. वर्ष 2023 में अजय ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संरक्षित खेती कार्यक्रम का लाभ उठाया. गौरतलब है कि सरकार पॉलीहाउस लगाने पर सामान्य किसानों को 50 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, जनजाति व लघु-सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है.

भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऐसी तकनीकों को बढ़ावा दे रही है. अजय रैण की कहानी यह साबित करती है कि यदि किसान दृढ़ निश्चय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़े, तो खेती करोड़ों के सपने साकार करने का सबसे सशक्त माध्यम बन सकती है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Location :

Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

April 24, 2026, 05:21 IST

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