Rajasthan

गुजरात बॉर्डर तक आसान होगी यात्रा, बाली-पिंडवाड़ा हाईवे पर गरजी मशीनें, बदलेगा भविष्य

Last Updated:April 25, 2026, 13:22 IST

Bali Pindwara Highway: राजस्थान में बाली-पिंडवाड़ा हाईवे प्रोजेक्ट ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट का उद्देश्य राजस्थान को गुजरात सीमा से बेहतर तरीके से जोड़ना है. लंबे समय से रुका हुआ निर्माण कार्य अब दोबारा शुरू हो चुका है और साइट पर मशीनों की आवाज़ विकास की नई कहानी बयां कर रही है. इस हाईवे के बनने से न सिर्फ यात्रा समय कम होगा, बल्कि व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. खासकर रोजाना आने-जाने वाले लोगों और व्यापारियों के लिए यह परियोजना बेहद फायदेमंद साबित होगी.

सहमति बनते ही सड़क परियोजना निदेशक सौरभ जैन और कनिष्ठ अभियंता दिव्या मीणा की मौजूदगी में कार्य शुरू कर दिया गया. काम चालू करने से पहले राजस्व विभाग की टीम, जिसमें आरआई श्रवण कुमार, मधुसूदन दवे और पटवारी राहुल लोहार सहित अन्य शामिल थे, उन्होंने खातेदारों की जमीन पर सड़क का सटीक सीमांकन किया. सीमांकन के तुरंत बाद जेसीबी मशीनों ने ऊबड़-खाबड़ रास्ते को समतल करने का काम शुरू कर दिया.

चामुंडेरी गांव के विभिन्न खसरा नंबरों (2741 से 2734) के खातेदारों के साथ पिछले काफी समय से मुआवजे संबंधी विवाद चल रहा था. इस गतिरोध को खत्म करने के लिए बाली उपखंड अधिकारी दिनेश विश्नोई ने मोर्चा संभाला. विगत दो दिनों से चली गहन समझाइश और वार्ता के बाद प्रशासन और भूमि मालिकों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद अधूरी पड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी मिल सकी.

नाना स्टेशन के बीच हाईवे का निर्माण अधूरा होने के कारण सड़क पर अचानक बाईपास कट आ जाता था, जो एक खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका था. इस अधूरे हिस्से की वजह से आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे और चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. अब सड़क निर्माण पूरा होने से कोई खतरनाक कट नहीं रहेगा, जिससे हादसों पर पूरी तरह लगाम लगेगी.

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मौके पर मौजूद भूमि मालिक अजीत भानु सिंह, जोर सिंह और लोकेंद्र भानु सिंह ने प्रशासन का सहयोग किया. हेमेंद्र भानु सिंह (भमसा) ने बताया कि पूर्व में उनके कृषि कुएं और मशीन घर को अधिग्रहण में तो लिया गया था, लेकिन मुआवजे की सूची में शामिल नहीं किया गया था. अब प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सड़क के बीच आने वाली उनकी पूरी संपत्ति का नियमानुसार उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा.

बाली-पिंडवाड़ा मेगा हाईवे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि गुजरात सीमा तक जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी लाइफलाइन है. कनिष्ठ अभियंता दिव्या मीणा ने बताया कि सड़क अधूरी होने से वाहन चालकों को जिस मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उससे अब जल्द ही निजात मिल जाएगी. यह करोड़ों का प्रोजेक्ट पूरा होते ही क्षेत्र की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गति में भी सुधार होगा.

First Published :

April 25, 2026, 13:22 IST

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