Entertainment

‘तुम मुझसे कहानी पूछ रहो हो?’ पिता के डर से बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही दो फिल्मों में किया काम, दोनों ही निकलीं फ्लॉप

Last Updated:May 02, 2026, 08:27 IST

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट यानी आमिर खान ने एक दिलचस्प खुलासा करते हुए बताया कि उनके करियर में दो फिल्में ऐसी थीं, जिन्हें उन्होंने बिना स्क्रिप्ट सुने ही साइन कर लिया था. ये फिल्में थीं ‘अव्वल नंबर’ और ‘तुम मेरे हो’. उन्होंने बताया कि ये फैसले उन्होंने अपने पिता ताहिर हुसैन के कहने पर लिए थे. दरअसल, वह अपने पिता से काफी डरते थे और जब पिता ने कहा कि उन्होंने उनकी तरफ से हां कह दी है, तो आमिर खान चाहकर भी मना नहीं कर पाए.

नई दिल्ली. आमिर खान को बॉलीवुड का मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है. उनकी पहचान ऐसी फिल्मों से है जो बहुत सोच-समझकर और किसी खास मकसद के लिए चुनी गई होती हैं, लेकिन करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने कई फैसले अपने दिल कीब बिना सुने लिए थे. जाकिर खान के साथ हुई बातचीत में आमिर ने अपनी फिल्मों को चुनने के तरीके पर खुलकर बात की. यह भी खुलासा किया कि उन्होंने करियर में बिना स्क्रिप्ट पढ़े सिर्फ दो फिल्मों में काम किया है, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थीं.

आमिर खान ने खुलासा किया कि उनके पूरे करियर में सिर्फ दो फिल्में ऐसी रही हैं, जिन्हें उन्होंने बिना स्क्रिप्ट सुने ही साइन कर लिया था. फिल्मों के चुनाव पर बात करते हुए आमिर ने बताया कि उनके फैसले हमेशा दिमाग से ज्यादा दिल से जुड़े होते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं जब भी कोई फिल्म चुनता हूं, चाहे वो बतौर एक्टर हो या प्रोड्यूसर, मेरा उसमें दिल से जुड़ा होना बहुत जरूरी है. कहानी सुनते या चुनते वक्त मैं एक आम दर्शक की तरह सोचता हूं. अगर कोई कहानी मेरे दिल को छू जाती है, उसमें कुछ नयापन होता है और वो मुझे रोमांचित करती है, तभी मैं उसे प्रोड्यूस करने या उसमें काम करने का फैसला लेता हूं.’

आमिर ने खुलासा किया कि उनके पूरे करियर में ‘अव्वल नंबर’ और ‘तुम मेरे हो’ ही ऐसी दो फिल्में थीं, जिन्हें उन्होंने बिना स्क्रिप्ट जाने साइन किया था. उन्होंने बताया कि ये दोनों ही फैसले उन्होंने अपने पिता और फिल्म मेकर ताहिर हुसैन के कहने पर लिए थे. ‘अव्वल नंबर’ का किस्सा याद करते हुए आमिर ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें जानकारी दी थी कि देव आनंद उनसे फिल्म के सिलसिले में मिलना चाहते हैं और वो आमिर की तरफ से पहले ही हां कह चुके हैं.

Add as Preferred Source on Google

आमिर कहते हैं, ‘मेरे पिता ने मुझे फोन किया और कहा कि देव आनंद तुमसे अव्वल नंबर के लिए मिलना चाहते हैं और मैंने तुम्हारी तरफ से उन्हें रजामंदी दे दी है. मैंने उनसे कहा कि नहीं, पहले मैं स्क्रिप्ट सुनूंगा और फिर तय करूंगा. लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे, न ही तुम कहानी पूछोगे, तुम बस जाओ और उन्हें हां बोल दो. मैं अपने पिता से बहुत डरता था, इसलिए मैं मान गया. मुझे अंदाजा तक नहीं था कि फिल्म की कहानी क्या है.’

दूसरी फिल्म तुम मेरे हो थी, जिसके प्रोड्यूसर खुद आमिर के पिता ताहिर हुसैन थे. आमिर ने बताया कि जब उन्होंने अपने पिता से फिल्म की कहानी जानने की कोशिश की, तो बात वैसी नहीं रही जैसी उन्होंने सोची थी. आमिर कहते हैं, ‘दूसरी फिल्म तुम मेरे हो है, जिसे मेरे पिता ने ही बनाया था. मैंने उनसे कहानी पूछने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि हमें फिल्में बनाते हुए 30 साल हो गए हैं और तुम मुझसे कहानी पूछ रहे हो?’

आमिर खान ने आगे बताया कि उस दिन उन्हें पूरे तीन घंटे का लेक्चर सुनना पड़ा. उसके बाद आमिर ने हार मान ली और कहा कि ठीक है, मुझे कहानी सुनने की कोई जरूरत नहीं है, बस आप फिल्म बनाइये. आमिर ने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, ‘मेरी बाकी की जो फिल्में आपको पसंद नहीं आईं, उनके लिए आप पूरी तरह मुझे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं. लेकिन ये दो फिल्में ऐसी थीं, जिन्हें मैंने बिना स्क्रिप्ट जाने ही कर लिया था.’

आमिर ने आगे बताया कि इन दो फिल्मों को छोड़ दिया जाए, तो उन्होंने हमेशा अपनी पसंद पर ही भरोसा किया है. उन्होंने ‘तारे जमीन पर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कई लोगों को इस फिल्म पर शक था, लेकिन उन्हें इस कहानी पर पूरा भरोसा था. आमिर ने याद करते कहा, ‘जब मैंने तारे जमीन पर बनाने का फैसला किया, तो हर कोई कह रहा था कि तुम यह फिल्म क्यों बना रहे हो? यह डिस्लेक्सिया और एक बच्चे की कहानी है, इसे कौन देखेगा? लेकिन मुझे वह कहानी बहुत पसंद आई थी, इसलिए मैंने किसी की परवाह किए बिना उसे बनाने का फैसला लिया.’

साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म अव्वल नंबर का निर्देशन देव आनंद ने किया था. इंटरनेशनल क्रिकेट के बैकड्रॉप पर बनी इस स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म में आमिर खान एक युवा क्रिकेटर की भूमिका में नजर आए थे. फिल्म में उनके साथ आदित्य पंचोली, एकता और खुद देव आनंद भी लीड किरदार में थे. हालांकि, यह फिल्म दर्शकों को कुछ खास पसंद नहीं आई और फ्लॉप साबित हुई.

उसी साल आमिर खान की दूसरी फिल्म तुम मेरे हो आई, जिसके प्रोड्यूसर उनके पिता ताहिर हुसैन थे. इस फिल्म में उनके साथ जूही चावला थीं. फिल्म की कहानी सपेरों और सुपरनेचुरल रिवेंज पर आधारित एक फैंटेसी रोमांस थी. ‘अव्वल नंबर’ की तरह यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बुर तरह पिट गई थी.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj