Rajasthan

सीकर में कमाल! सिर्फ 1 लीटर पानी से उगेंगे पेड़, स्मृति वन में अपनाई जाएगी पद्मश्री सुंडाराम की अनोखी तकनीक

Last Updated:May 04, 2026, 11:28 IST

Sikar Hindi News: सीकर के स्मृति वन में अब एक अनोखी और पर्यावरण हितैषी तकनीक अपनाई जाने जा रही है, जो कम पानी में पौधों को उगाने में सक्षम है. पद्मश्री से सम्मानित सुंडाराम द्वारा विकसित “एक लीटर पानी” पद्धति के जरिए पौधारोपण किया जाएगा, जिससे पानी की भारी बचत होगी. इस तकनीक में पौधों को शुरुआती चरण में सीमित मात्रा में पानी देकर उनकी जड़ों को गहराई तक विकसित किया जाता है, जिससे वे लंबे समय तक बिना अतिरिक्त सिंचाई के जीवित रह सकते हैं. यह तरीका खासतौर पर शुष्क और रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है. इस पहल से न केवल हरियाली बढ़ेगी.

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सीकर. शहर में स्थित स्मृति वन में पौधे लगाने को लेकर नवाचार किया जाएगा. इससे शहरवासियों को स्मृति वन में छाया के साथ शुद्ध ऑक्सीजन भी मिल सकेगी. इसे लेकर विधायक राजेंद्र पारीक ने पद्मश्री और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित सुंडाराम की पद्धति से पौधे लगाने के लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. विधायक पारीक ने सुंडाराम व विभागीय अधिकारियों के साथ स्मृति वन का दौरा किया.

इस दौरान लगाए गए पौधों के रखरखाव और सौंदर्याकरण को लेकर चर्चा की. सुंडाराम ने अधिकारियों को सरल और कम पानी से पौधे विकसित करने की पद्धति बताई. उन्होंने एक लीटर पानी की तकनीक से देसी बबूल, बड़, पीपल, अमलतास, खरंज, खेजड़ी सहित कई छायादार और ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने की सलाह दी है. विधायक पारीक ने अधिकारियों को इस दिशा में शीघ्र काम करने को कहा और सुंडाराम के अनुभवों से स्मृति वन को हराभरा बनाने को लेकर आदेश दिए हैं.

एक हैक्टेयर जमीन पर तकनीक अपनाई जाएगी डीएफओ अमित कुमार देवंदा ने बताया कि एक हैक्टेयर जमीन पर उच्च गुणवत्ता की जुताई करवा कर नई पद्धति से जल्दी पौधे लगाए जाएंगे, ताकि मॉर्निंग वॉक पर आने वालों को छाया के साथ ऑक्सीजन मिल सके. बरसात के बाद एक लीटर पानी वाली पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे. वन विभाग के अधिकारियों ने विधायक पारीक को स्मृति वन में लगे पौधों और उनके रखरखाव की जानकारी दी.

कौन है सुंडाराम वर्मा सुंडाराम वर्मा सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र के उन्नत किसान और कृषि वैज्ञानिक है. इन्होंने एक लीटर पानी में पौधे उगाकर उन्हें जीवित रखने के लिए इजाद बूंद-बूंद पानी से सिंचाई विधि की खोज की थी. इस तकनीक को देशभर के किसानों तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय व आईसीआर ने सुंडाराम के सुझाव को बजट पूर्व प्लानिंग में शामिल किया है. सुंडाराम ने एक लीटर पानी में पौधे उगाने की तकनीक को 1995 में इजाद किया था.

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुकाइसके बाद शेखावाटी क्षेत्र में बिना पानी के पौधे उगाकर बंजर भूमि में हरियाली बढ़ाने में योगदान किया है. सुंडाराम ने स्वयं द्वारा इजाद की गई देशी किस्मों को बढ़ावा देने, एक लीटर पानी में पौधे उगाने व बरसात के पानी को संरक्षित किया है. सुंडाराम को कृषि नवाचारों के लिए 2020 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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