जहां 1 रुपये से भी कम में दिखती थी फिल्म… अब खंडहर बन चुका राजस्थान का पहला सिनेमाघर

जहां 1 रुपये से भी कम में दिखती थी फिल्म…खंडहर बना राजस्थान का पहला सिनेमाघर
Jaipur News: Jaipur की गलियों में आज भी एक ऐसी इमारत खड़ी है, जो कभी राजस्थान की सिनेमाई दुनिया की सबसे बड़ी पहचान हुआ करती थी. हवामहल के सिरहड्योढ़ी बाजार में स्थित Ramprakash Cinema सिर्फ जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान का पहला थिएटर और सिनेमाघर माना जाता है. इसे वर्ष 1878 में महाराजा Sawai Ram Singh II ने बनवाया था. उस दौर में यह हिंदीभाषी क्षेत्र का पहला ऐसा मंच था, जहां नाटक, संगीत और रंगमंच की दुनिया जीवंत होती थी.
शुरुआती समय में यहां इंद्रसभा, लैला-मजनूं और जहांगीर बादशाह जैसे लोकप्रिय नाटकों का मंचन हुआ करता था. बाद में 1944 में इसे सिनेमाघर में बदला गया और फिर यहां फिल्मों का दौर शुरू हुआ. स्थानीय लोगों के मुताबिक उस समय फिल्मों की टिकट 1 रुपये से भी कम में मिलती थी और लोग दूर-दूर से फिल्म देखने यहां पहुंचते थे. फिल्मों के दौरान इतनी भीड़ होती थी कि टिकट ब्लैक तक हुआ करती थीं.
आज यह ऐतिहासिक सिनेमाघर बंद और जर्जर हालत में खड़ा है. आसपास अतिक्रमण बढ़ चुका है और कभी रोशनी से जगमगाने वाला यह भवन अब खंडहर में बदलता नजर आता है. बताया जाता है कि टैक्स विवाद और बकाया राशि के चलते वर्ष 2016 में इसकी कुर्की कर दी गई थी. बावजूद इसके, बुजुर्ग आज भी यहां से गुजरते समय अपने दौर की यादों में खो जाते हैं. यह इमारत सिर्फ एक सिनेमाघर नहीं, बल्कि राजस्थान की कला, रंगमंच और सिनेमा इतिहास की जीवित निशानी है.
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