‘पैसा-पावर नहीं, परफॉर्मेंस दिखाओ’, नए एक्टर्स को सुभाष घई की खरी-खरी, पुराने कलाकारों से की तुलना

Last Updated:May 12, 2026, 04:31 IST
मशहूर डायरेक्टर सुभाष घई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुराने और नए दौर के कलाकारों के बीच के अंतर को जाहिर किया है. उन्होंने बताया कि जहां पहले के एक्टर्स फीस या सुविधाओं के बजाय स्क्रिप्ट और परफॉर्मेंस को लेकर जुनूनी होते थे, वहीं आज के कई युवा कलाकार अभिनय से ज्यादा पैसे और पावर पर ध्यान दे रहे हैं. सुभाष घई ने सलाह दी है कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबी सफलता के लिए अपनी कला के प्रति ईमानदार होना जरूरी है. फिलहाल, वे अपने संस्थान के जरिये नए टैलेंट को इसी ईमानदारी और पेशेवर बारीकियों की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
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फिल्म डायरेक्टर सुभाष घई ने कई यादगार फिल्में बनाई हैं.
नई दिल्ली: मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर एक बेहद दिलचस्प पोस्ट शेयर की है. इसमें उन्होंने आज के दौर के एक्टर्स और पुराने समय के कलाकारों के बीच का अंतर बताया है. उन्होंने ‘कर्ज’, ‘हीरो’, ‘ताल’ और ‘खलनायक’ जैसी अपनी कल्ट क्लासिक फिल्मों के पोस्टर्स साझा करके पुराने दिनों को याद किया. उस दौर में कलाकार फीस या लग्जरी सुविधाओं के पीछे नहीं भागते थे. सुभाष घई के मुताबिक, पहले के दौर में एक्टर्स के लिए सबसे जरूरी स्क्रिप्ट और उनका किरदार हुआ करती थी. वे अपने डायरेक्टर पर पूरा भरोसा करते थे और उनकी पूरी कोशिश बस इतनी होती थी कि कैसे अपनी परफॉर्मेंस को यादगार बनाया जाए.
सुभाष घई ने आज के युवा कलाकारों को एक जरूरी सलाह देते हुए कहा कि अगर उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में लंबी पारी खेलनी है, तो उन्हें वापस अपनी कला और अभिनय पर ध्यान देना होगा. उन्होंने चिंता जताते हुए लिखा कि आजकल के कुछ नए स्टार्स के बारे में सुनने में आता है कि वे अच्छी एक्टिंग के बजाय पैसे और पावर को ज्यादा अहमियत देते हैं. डायरेक्टर का मानना है कि सुविधाओं पर फोकस करना अच्छी बात है, लेकिन अगर कलाकार का जुनून सिर्फ कमाई तक सीमित रह जाएगा, तो उसकी जड़ों में वो मजबूती नहीं आएगी जो उसे इंडस्ट्री में टिकाए रखे. असली और लंबी सफलता सिर्फ शानदार काम और परफॉर्मेंस से ही मिलती है.
कला के प्रति ईमानदारी जरूरीसुभाष घई ने अपने करियर में हर जॉनर की फिल्में दी हैं. चाहे वो ‘राम लखन’ जैसी मसाला फिल्म हो या ‘परदेस’ जैसी म्यूजिकल हिट. फिलहाल, वे ‘व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल’ नाम का एक फिल्म स्कूल चला रहे हैं, जो दुनिया के बेहतरीन संस्थानों में गिना जाता है. इस एक्टिंग स्कूल के जरिए वे नए टैलेंट को फिल्म मेकिंग और एक्टिंग की बारीकियां सिखा रहे हैं. उनकी बातों का सीधा संदेश यही है कि जो कलाकार सिर्फ ग्लैमर और पैसों के पीछे भागेंगे, वे लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे. टिका वही रहेगा जो कैमरे के सामने अपनी कला के प्रति ईमानदार होगा.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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