NEET पेपर लीक में NTA पर सवाल, FIR दर्ज न होने से बढ़ा विवाद, सचिन पायलट ने की ये मांग

जयपुर. नीट 2026 परीक्षा के पेपर लीक का मामला पूरे देश में तूफान खड़ा कर रहा है. पेपर छपने से पहले ही नकल गैंग तक बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल पहुंच चुके थे. इस लीक ने मेडिकल की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरी निराशा और आक्रोश में डाल दिया है. जांच एजेंसी एसओजी (Special Operations Group) के पास इस मामले का सबसे बड़ा सबूत होने के बावजूद अभी तक NTA (National Testing Agency) पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है.
देश भर में नीट परीक्षा को मेडिकल प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा की तैयारी में साल भर की मेहनत, कोचिंग, किताबों और टेस्ट सीरीज पर लाखों रुपये खर्च करते हैं. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार तो अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखकर सब कुछ दांव पर लगा देते हैं. ऐसे में पेपर लीक की घटना न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर अन्याय है, बल्कि पूरे परीक्षा सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाती है. इस लीक के तार जयपुर समेत कई शहरों तक फैले हुए हैं. एसओजी ने इस मामले में लगातार छापेमारी की है और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं.
पेपर छपने से पहले ही हो गया लीक
सूत्रों के अनुसार, जयपुर समेत कई शहरों में सक्रिय नकल माफिया को परीक्षा से पहले ही महत्वपूर्ण सवाल हासिल हो गए थे. बायोलॉजी और केमिस्ट्री के ये सवाल प्रिंटिंग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही गैंग तक पहुंच गए. एसओजी ने इस मामले में छापेमारी कर महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं, लेकिन NTA की ओर से अब तक स्पष्ट कार्रवाई नजर नहीं आ रही है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े लीक के बावजूद FIR दर्ज क्यों नहीं की गई. NTA ने एसओजी को सबूत सौंपने में देरी क्यों की. मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA की एक्सपर्ट कमेटी अब अंतिम फैसला लेने वाली है. परीक्षा रद्द की जाए या दोबारा कराई जाए, इस पर अभी असमंजस बना हुआ है. लेकिन इस अनिश्चितता ने छात्रों की मानसिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.
प्रिंटिंग प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
सवाल उठ रहा है कि NTA की प्रिंटिंग प्रक्रिया इतनी ढीली कैसे रही? एजेंसी के सख्त प्रोटोकॉल के बावजूद पेपर कैसे लीक हो गया? प्रिंटिंग प्रेस से लेकर कस्टडी तक की पूरी चेन में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है. अगर पेपर छपने से पहले ही सवाल बाहर आ गए थे, तो फिर पूरे परीक्षा सिस्टम पर सवालिया निशान लगता है.
एनटीए पर सख्ती की मांग
छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने NTA पर तीखा हमला बोला है. उनका कहना है कि लीक होने के बावजूद एजेंसी ने तुरंत FIR दर्ज नहीं की और न ही पूरे मामले को गंभीरता से लिया. एसओजी अब NTA से पूरे सबूत मांग रही है. हालांकि जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
छात्र संगठनों ने NTA से मांगा तुरंत जवाब
नीट परीक्षा देश के लाखों मेडिकल aspirants के लिए द्वार है.इ ऐसे में पेपर लीक से पूरे बैच का भविष्य प्रभावित हो रहा है. अभिभावक और छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार और NTA से जवाब मांगा है. माना जा रहा है कि एक्सपर्ट कमेटी के फैसले के बाद NTA परीक्षा रद्द करने या फिर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला ले सकती है. साथ ही एसओजी की जांच में शामिल बड़े गैंगस्टरों और उनके संरक्षकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है. वहीं छात्र संगठनों ने भी NTA और शिक्षा मंत्रालय से तुरंत जवाब मांगा है. अभिभावक कह रहे हैं कि एक साल की मेहनत पर पानी फिर जाने का डर सता रहा है. कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त की है. विपक्षी दलों ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि युवाओं का भविष्य राजनीतिक लापरवाही का शिकार नहीं बनना चाहिए.
NEET 2026 पेपर लीक मामला क्या है?NEET 2026 पेपर लीक मामला उस कथित अनियमितता से जुड़ा है जिसमें परीक्षा से पहले ही बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई प्रश्न नकल गैंग तक पहुंचने के आरोप हैं. बताया जा रहा है कि यह लीक प्रिंटिंग प्रक्रिया पूरी होने से पहले हुआ. इस घटना ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की जांच एसओजी कर रही है और NTA की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं.
इस मामले में एसओजी की क्या भूमिका है?एसओजी (Special Operations Group) इस पूरे मामले की जांच कर रही प्रमुख एजेंसी है. उसने जयपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं. जांच में यह संकेत मिले हैं कि नकल गैंग तक प्रश्न पहले ही पहुंच चुके थे. हालांकि अब तक NTA की ओर से FIR और सख्त कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. एसओजी की जांच के आधार पर आगे बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.
NTA पर क्यों सवाल उठ रहे हैं?NTA पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि इतने बड़े पेपर लीक के बावजूद समय पर FIR दर्ज नहीं की गई और न ही तुरंत ठोस कार्रवाई दिखाई दी. आरोप है कि प्रिंटिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर चूक हुई. छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि जिम्मेदार संस्था ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया. इसी वजह से NTA की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और परीक्षा प्रबंधन प्रणाली पर व्यापक सवाल खड़े हो गए हैं.
छात्रों पर इस विवाद का क्या असर पड़ा है?इस विवाद का सबसे बड़ा असर छात्रों पर मानसिक और भावनात्मक रूप से पड़ा है. लाखों अभ्यर्थी, जिन्होंने साल भर तैयारी की थी, अब अनिश्चितता में हैं कि परीक्षा रद्द होगी या दोबारा होगी. इससे उनका तनाव बढ़ गया है. अभिभावक भी भविष्य को लेकर चिंतित हैं. कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है. इससे परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होने का खतरा भी बढ़ गया है.
आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?आगे की कार्रवाई में NTA की एक्सपर्ट कमेटी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है. संभावना है कि या तो परीक्षा रद्द की जाए या फिर दोबारा आयोजित की जाए. एसओजी की जांच के आधार पर नकल गैंग और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज हो सकती है. सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि पूरे मामले की SIT जांच कराई जाए. छात्रों को राहत देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुधार किए जाने की भी मांग है.
सचिन पायलट ने किया तीखा हमला
कांग्रेस नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि NEET 2026 को लेकर सामने आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं और लाखों छात्रों के साथ सीधा अन्याय है. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए समय, पैसा और उम्मीद दांव पर लगा देते हैं. ऐसे में पेपर लीक ईमानदार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है तो यह सरकार की नाकामी और विफलता है.
NEET 2026 को लेकर सामने आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं और लाखों छात्रों के साथ सीधा अन्याय है।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए समय, पैसा और उम्मीद दांव पर लगा देते हैं — ऐसे में “पेपर लीक” ईमानदार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करे तो यह सरकार की नाकामी और…



