मालदीव की विदेश मंत्री आएंगी भारत, तीन दिन का होगा दौरा, देश से क्या होता है एक्सपोर्ट

मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम तीन दिन आधिकारिक दौरे पर मंगलवार को भारत पहुंचेंगी. इस दौरान वे विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल साथ मुलाकात करेंगे. दोनों देश इसे रिश्तों मजबूत करने के रूप में देख रहे हैं.
12 मई से होगी दौरे की शुरूआत
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से उनके दौरे को लेकर प्रैस रिलीज जारी किया गया है. इसके अनुसार, एडम 12-14 मई तक भारत में होंगी. वो मंगलवार शाम 5 बजकर 20 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचेंगी.
अगले दिन, बुधवार शाम 4 बजे हैदराबाद हाउस में उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात होगी. इसके बाद इसी दिन यानी 13 मई को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ वाणिज्य भवन में अहम बैठक रखी गई है.
विदेश मंत्री ने दिया था न्यौता
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने भी इसे लेकर एक बयान जारी किया है. इसके मुताबिक पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है. उन्हें भारत आने का न्योता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया था. यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाना है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे के दौरान इरुथिशाम जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी. इससे मंत्रियों को द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने और आपसी हितों के खास मुद्दों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा.
इरुथिशम के साथ विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. इब्राहिम जुहुरी और सहायक निदेशक अमीनाथ गुरैशा भी आएंगे. मालदीव भारत को अपना सबसे करीबी सहयोगी मानता है. दोनों देश मजबूत सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक रिश्तों से जुड़े हैं.
2024 से रिश्तों में हो रहे हैं सुधार
साल 2024 में शुरुआती तनाव के बाद मालदीव ने अपने रिश्तों को सहज बनाने की पूरी कोशिश की है. राष्ट्रपति मुइज्जू प्रशासन ने भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. मुइज्जू दो बार भारत के आधिकारिक दौरे पर गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2025 के मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग ले चुके हैं.
हाल ही में विदेश मंत्री बनीं इरुथिशम को लंबा राजनयिक अनुभव है. इससे पहले वो यूनाइटेड किंगडम में मालदीव की उच्चायुक्त रह चुकी हैं.
भारत से क्या खरीदता है मालदीव
भारत मालदीव को इंजीनियरिंग और औद्योगिक उत्पाद, दवाएं, फार्मास्यूटिकल्स, राडार उपकरण, सीमेंट, रॉक बोल्डर, एग्रीगेट्स, पेट्रोलियम उत्पाद, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, जहाज और फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स, लोहा और स्टील, और खेती से जुड़े प्रोडक्ट एक्पोर्ट करता है.
कृषि उत्पादों में चावल, मसाले, फल, सब्जियां और पोल्ट्री उत्पाद शामिल हैं. ये वस्तुएं मालदीव की जरूरतों और निर्माण गतिविधियों को सहारा देती हैं. हाल के सालों में निर्यात में इजाफा हुआ है. अप्रैल में भारत ने मालदीव के लिए साल 2026-27 के लिए अंडे, आलू, प्याज, चावल, गेहूं का आटा, चीनी और दाल जैसी कुछ वस्तुओं के निर्यात की अनुमति दे दी गई थी.



