NEET UG 2026 Paper Leak: 2 मई की रात वाली वो कहानी..जिससे हुआ नीट पेपर लीक कांड का पर्दाफाश, किसने खोला राज?

Last Updated:May 13, 2026, 11:54 IST
NEET UG 2026 Paper Leak: यह कहानी शुरू होती है 2 मई की रात 11 बजे. एक बेटा अपने पिता को व्हाटसएप मैसेज भेजता है. वह मैसेज कुछ और नहीं नीट यूजी 2026 की परीक्षा के गेस पेपर का पीडीएफ होता है फिर यही से एक ऐसा राज खुलता है जो पूरे सिस्टम को हिलाकर रख देता है और इसी पिता की वजह से नीट पेपर लीक का पर्दाफाश हो जाता है…
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NEET UG 2026 Paper Leak, NEET Exam Controversy, NEET UG 2026 highlights: नीट यूजी का पेपर लीक हो गया.
NEET UG 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है. राजस्थान के सीकर से शुरू हुई एक मामूली सी घटना ने ऐसा खुलासा कर दिया, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया.एक हॉस्टल मालिक को भेजा गया गेस पेपर बाद में असली NEET पेपर से मैच करने लगा और यहीं से सामने आया कथित पेपर लीक का वह नेटवर्क जो राजस्थान से लेकर हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक फैला हुआ बताया जा रहा है. जांच में सामने आया कि पेपर कथित तौर पर 30 लाख रुपये में खरीदा और फिर करोड़ों के खेल में कई छात्रों तक पहुंचाया गया.
सीकर के हॉस्टल मालिक ने कैसे खोला राज?
पूरा मामला 2 मई की रात से शुरू हुआ. राजस्थान के सीकर का एक छात्र जो फिलहाल केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा था उसे रात करीब 11 बजे एक PDF मिली. इस PDF को गेस पेपर बताया गया था. छात्र ने सोचा कि उसका तो कोई इस्तेमाल नहीं है इसलिए उसने यह PDF अपने पिता को भेज दी जो सीकर में NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल चलाते हैं.उसने पिता से कहा कि अगर हॉस्टल में कोई छात्र-छात्रा NEET देने जा रहे हों तो यह उनके काम आ सकता है.अगले दिन हॉस्टल मालिक ने वहां रहने वाली चार छात्राओं को यह PDF देने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे परीक्षा केंद्र के लिए निकल चुकी थीं.
केमिस्ट्री टीचर को हुआ शक
हॉस्टल मालिक को बाद में जिज्ञासा हुई तो उन्होंने यह PDF अपने परिचित एक केमिस्ट्री टीचर को भेज दी. परीक्षा खत्म होने के बाद जब टीचर ने असली पेपर से मिलान किया तो वह चौंक गए. बताया गया कि केमिस्ट्री के 108 सवालों में से 45 सवाल हूबहू मैच कर रहे थे.इसके बाद मामले को और गंभीरता से लेते हुए एक बायोलॉजी टीचर से भी सवाल मिलवाए गए. जांच में सामने आया कि बायोलॉजी के 204 सवालों में से करीब 90 सवाल भी मैच हो रहे थे यानी कुल मिलाकर लगभग 135 सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए.यहीं से शक गहरा गया कि यह कोई साधारण गेस पेपर नहीं बल्कि कथित तौर पर लीक हुआ NEET पेपर था.
पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन पहले नहीं हुई सुनवाई
जब हॉस्टल मालिक और टीचर को मामला गंभीर लगा तो वे सीकर पुलिस के पास पहुंचे. आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में केस दर्ज करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. अधिकारियों ने सवाल उठाया कि परीक्षा खत्म होने के बाद शिकायत क्यों की जा रही है और क्या शिकायतकर्ता परीक्षा रद्द करवाना चाहते हैं लेकिन दोनों ने मामला यहीं नहीं छोड़ा. बाद में उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency,NTA) को ईमेल भेजकर पूरी जानकारी दी.
NTA हरकत में आई, फिर शुरू हुई बड़ी जांच
शिकायत मिलने के बाद NTA ने मामले को गंभीरता से लिया. 8 मई को राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और इंटेलिजेंस ब्यूरो को जांच सौंपी गई. जांच एजेंसियों ने हॉस्टल मालिक के मोबाइल रिकॉर्ड और WhatsApp चैट्स खंगाले जिसके बाद एक बड़ा नेटवर्क सामने आने लगा.
नासिक से गुरुग्राम और फिर राजस्थान तक पहुंचा पेपर
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर NEET पेपर महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ. वहां से यह पेपर गुरुग्राम की एक गैंग तक पहुंचा. इसी गैंग ने अलग-अलग राज्यों में पेपर बेचने का नेटवर्क तैयार किया.राजस्थान में सबसे पहले जयपुर के जमवारामगढ़ के दो भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने 26 अप्रैल को यह पेपर करीब 30 लाख रुपये में खरीदा. दोनों भाइयों में से एक का राजनीति से भी संबंध बताया जा रहा है.
सीकर में छात्रों को बेचा गया पेपर
जांच के मुताबिक दोनों भाइयों ने पेपर अपने बेटे को दिया जो सीकर में NEET की तैयारी कर रहा था. इसके बाद 29 अप्रैल को दोनों सीकर पहुंचे और वहां कई छात्रों व कोचिंग नेटवर्क को यह पेपर बेच दिया.बताया जा रहा है कि सीकर में कुछ कोचिंग संचालकों और छात्रों ने WhatsApp ग्रुप और Telegram चैनल बना रखे थे. इन्हीं ग्रुप्स के जरिए पेपर वायरल हुआ. पेपर की PDF के साथ-साथ उसकी प्रिंट कॉपी भी बेची गई.
7 राज्यों तक फैल गया नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कथित पेपर लीक नेटवर्क राजस्थान से बाहर भी फैल चुका था.हरियाणा के एक प्रथम वर्ष के आयुर्वेद छात्र पर आरोप है कि उसने यह पेपर बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक पहुंचाया.देहरादून से पकड़े गए राकेश कुमार का नाम भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि उसके चैनल से करीब 100 छात्र जुड़े हुए थे और वहीं से पेपर कई जगह वायरल हुआ.
About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
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