Rajasthan

गर्मी में गाय-भैंस को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें, नहीं तो घट सकता है दूध और बिगड़ सकती है सेहत

नागौर. गर्मी का मौसम शुरू होते ही इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी इसका असर दिखाई देने लगता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान गाय-भैंस जैसे दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर सीधा असर डालता है. ऐसे समय में पशुओं को सही आहार, पर्याप्त पानी और ठंडा वातावरण देना बेहद जरूरी हो जाता है. पशुपालकों की थोड़ी सी सावधानी पशुओं को लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा सकती है.

पशु चिकित्सा विशेषज्ञ विशाल प्रजापति ने बताया कि गर्मियों में पशुओं को ऐसा आहार देना चाहिए, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ जरूरी पोषण भी दे. इस मौसम में पशुओं के लिए हरा चारा और पर्याप्त पानी सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. हरे चारे में पानी, फाइबर और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. ज्वार, नेपियर घास, बरसीम, रंजका और हरा मक्का जैसे चारे पशुओं के लिए काफी लाभकारी माने जाते हैं. इससे पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन में भी ज्यादा गिरावट नहीं आती.

गर्मी में सूखा चारा कम देना बेहतरविशाल प्रजापति ने बताया कि गर्मी के मौसम में सूखे चारे की मात्रा कम रखनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा सूखा चारा पशुओं के शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है. इसके बजाय गेहूं का दलिया, गेहूं की चापट और संतुलित दाना देना ज्यादा बेहतर रहता है.

दाने में चोकर, मक्का और खली को संतुलित मात्रा में मिलाकर खिलाने से पशुओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और उनका पाचन भी सही बना रहता है. पशुओं के खानपान में संतुलन बनाए रखना गर्मी के मौसम में बेहद जरूरी माना जाता है.

दिन में 2 से 3 बार पिलाएं ताजा पानीगर्मी में पशुओं को सबसे ज्यादा जरूरत पानी की होती है. पशुओं को दिन में कम से कम 2 से 3 बार ताजा और ठंडा पानी जरूर पिलाना चाहिए. पानी की कमी होने पर पशु जल्दी थक जाते हैं और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है. यदि संभव हो तो पानी में इलेक्ट्रोलाइट या मिनरल मिक्सचर मिलाकर देना फायदेमंद रहता है. इससे पशुओं को अतिरिक्त ऊर्जा और जरूरी खनिज मिलते हैं. कई पशुपालक आहार में थोड़ा गुड़ भी मिलाते हैं, जिससे पशुओं की ताकत बनी रहती है.

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर की तेज गर्मी में पशुओं को ज्यादा चारा नहीं देना चाहिए. सुबह जल्दी और शाम के समय अधिक मात्रा में चारा खिलाना बेहतर माना जाता है. साथ ही पशुओं को खुले धूप वाले स्थान की बजाय छायादार और हवादार जगह पर रखना चाहिए.

पशुओं की साफ-सफाई का रखें ध्यानविशाल प्रजापति के अनुसार गर्मियों में पशुओं की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. समय-समय पर पशुओं को नहलाना और उनके रहने की जगह को साफ रखना संक्रमण और बीमारियों के खतरे को कम करता है.

उन्होंने बताया कि अगर कोई पशु तेजी से सांस ले, खाना कम खाए या सुस्त दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. सही देखभाल और संतुलित आहार से पशुपालक गर्मी के मौसम में भी अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और दूध उत्पादन में होने वाले नुकसान से बच सकते हैं.

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