धर्म की दीवारें टूटीं! चार पीढ़ियों से मां मनसा देवी की सेवा कर रहा है यह मुस्लिम परिवार, नगाड़े की हर थाप में छिपी है अटूट आस्था

Last Updated:May 16, 2026, 11:31 IST
Bharatpur: भरतपुर के सुजान गंगा नहर किनारे स्थित प्राचीन मनसा देवी मंदिर में मोहम्मद खान पिछले 45 वर्षों से नगाड़ा बजाकर माता की सेवा कर रहे हैं. उनका मुस्लिम परिवार बीते चार पीढ़ियों से इस धार्मिक परंपरा को निभा रहा है और अब उनके बच्चे भी इसे सीख रहे हैं. बिना किसी भेदभाव के मां मनसा देवी पर अटूट आस्था रखने वाला यह परिवार देश में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की एक अद्भुत मिसाल बन चुका है.
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Bharatpur: राजस्थान का भरतपुर शहर इन दिनों सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता की एक ऐसी मिसाल पेश कर रहा है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है. यहाँ सुजान गंगा नहर के खूबसूरत किनारे पर स्थित प्राचीन मनसा देवी मंदिर आस्था, श्रद्धा और सांप्रदायिक भाईचारे का एक अद्भुत केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर की सबसे बड़ी और खूबसूरत खास बात यह है कि यहाँ एक मुस्लिम परिवार पीढ़ियों से माता रानी की सेवा में पूरी निष्ठा के साथ समर्पित है. मोहम्मद खान नाम के एक सच्चे श्रद्धालु पिछले कई दशकों से इस मंदिर में नगाड़ा बजाकर माता की आराधना कर रहे हैं.
मोहम्मद खान का परिवार बीते चार पीढ़ियों से इस गौरवशाली परंपरा को पूरी शिद्दत के साथ निभाता आ रहा है. सबसे सुखद बात यह है कि अब उनके परिवार की अगली पीढ़ी भी इस सेवा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है. मोहम्मद खान का कहना है कि उनके पूरे परिवार का मां मनसा देवी पर अटूट और गहरा विश्वास है. उनका दृढ़ विश्वास है कि मां ने समय-समय पर उनके परिवार की हर मन्नत और मुराद पूरी की है. यही मुख्य कारण है कि वे बिना किसी जाति या धर्म-भेद के पूरी श्रद्धा और सच्चे समर्पण के साथ माता की सेवा में लीन रहते हैं. वे गर्व से बताते हैं कि उनके लिए यह केवल एक पारिवारिक परंपरा नहीं, बल्कि दिल से जुड़ी आस्था और विश्वास का विषय है, जिसे वे पूरे मन से निभाते हैं.
45 वर्षों से नगाड़ों की थाप से गूंज रहा है मंदिर प्रांगणलोकल-18 से खास बातचीत करते हुए मोहम्मद खान ने बताया कि वे पिछले करीब 45 वर्षों से बिना रुके लगातार मंदिर में नगाड़ा बजाने की सेवा दे रहे हैं. इस लंबे सफर के दौरान उन्होंने चैत्र और शारदीय नवरात्रि सहित साल भर के कई बड़े धार्मिक अवसरों पर अपनी विशेष सेवा दी है. नवरात्रि के पावन समय में यह अनूठी परंपरा भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाती है, जब बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और मोहम्मद खान के नगाड़ों की दिव्य गूंज के बीच माता की महाआरती और आराधना करते हैं.
चौथी पीढ़ी भी संभाल रही है जिम्मेदारी, धर्म की दीवारें हुईं ध्वस्तमोहम्मद खान ने बातचीत में यह भी साझा किया कि अब उनके परिवार की चौथी पीढ़ी भी इस खूबसूरत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कदम बढ़ा चुकी है. उनके बच्चे और परिवार के अन्य युवा सदस्य भी मंदिर में नगाड़ा बजाने की इस कला और सेवा को बेहद चाव से सीख रहे हैं. उनका कहना है कि यह पवित्र सेवा अब उनके परिवार की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है और वे इसे आने वाले भविष्य में भी इसी तरह जारी रखेंगे. मनसा देवी मंदिर की यह ऐतिहासिक परंपरा आज के दौर में पूरे समाज को एकता, प्रेम और भाईचारे का एक बेहद मजबूत संदेश देती है. यहाँ धर्म की सारी कृत्रिम दीवारें पूरी तरह टूटती नजर आती हैं और केवल सच्ची आस्था ही सबसे बड़ा आधार बनती है. यह प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक समरसता की भी एक जीवित मिसाल बन चुका है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan



