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Mount Abu Musuem: इस 800 साल पुरानी प्रतिमा का रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान, दोनों तरफ से दिखती है एक जैसी

Last Updated:June 16, 2026, 18:35 IST

Mount Abu Musuem: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के सरकारी संग्रहालय में 800 साल पुरानी एक अनोखी शिव प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दोनों तरफ से एक जैसी दिखाई देने वाली इस दुर्लभ मूर्ति के अलावा यहां 412 से अधिक प्राचीन प्रतिमाएं, 1000 साल पुरानी ब्रह्माजी की दुर्लभ प्रतिमा और आदिवासी संस्कृति से जुड़ी अनमोल धरोहरें इतिहास की समृद्ध विरासत को जीवंत करती हैं.

सिरोही. राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू अपनी प्राकृतिक जगहों के साथ अपने इतिहास के लिए भी अलग पहचान रखता हैं. इसी इतिहास को संजोए रखा है माउंट आबू के सरकारी म्यूजियम ने, यहां छठी से बारहवी शताब्दी की 412 से अधिक प्राचीन मूर्तियां और अन्य कलाकृतियां देखने को मिल जाएगी. यहां सबसे आकर्षण का केंद्र प्राचीन चक्रबाहु शिव प्रतिमा हैं. ये शिव प्रतिमा दो तरफ से एक समान दिखती है. अन्य प्रतिमाएं एक तरफ से ही पूरी दिखाई देती है, लेकिन इस प्रतिमा की बारीक नक्काशी दोनों तरफ से एक जैसी हैं. करीब 2.5 फीट की ये मूर्ति करीब 800 वर्ष पुरानी है. यहां अधिकांश प्रतिमाएं चंद्रवती नगरी के समकालीन है. ये नगरी 9वीं शताब्दी में परमार शासकों की राजधानी हुआ करती थी. वहीं कुछ प्रतिमाएं इससे भी काफी पुरानी है, जो खनन के समय क्षेत्र से निकली थी. ये मूर्तियां यहां की सुंदर निर्माण शैली को दर्शाती है. माउंट आबू के राजभवन परिसर में स्थित सरकारी संग्रहालय की स्थापना 1962 में हुई थी. इसे 1965 में आमजन के लिए खोला गया था. पर्यटकों और इतिहास-प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है. इस संग्रहालय की नींव 18 अक्टूबर 1962 को तत्कालीन राज्यपाल डॉ. संपूर्णानंद ने रखी थी.

1000 साल पुरानी अनूठी ब्रह्माजी की मूर्तिइस म्यूजियम में 11वीं शताब्दी की प्राचीन ब्रह्माजी की पार्टी भी हैं, जो सावित्री के साथ आलिंगन अवस्था में दिखाई गई हैं. इसे अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा माना जाता है. वहीं अचलगढ़ और देलवाड़ा क्षेत्र से मिली शिव-पार्वती, सूर्य देव, चंवर वाहिनी, विष कन्या और चामुंडा माता की मूर्तियां भी क्षेत्र के इतिहास को दर्शाती है. स्थानीय रहवासी संजय जानी ने बताया कि प्राचीन काल में इस क्षेत्र में एक साथ 999 झालरें बजती थी, जो इस क्षेत्र के मंदिरों और धार्मिक आस्था को दिखाता है. चंद्रवाती नगरी में हुए उत्खनन कार्य में निकली प्राचीन प्रतिमाओं को चंद्रवती और माउंट आबू के म्यूजियम में सुरक्षित रखा गया है. जिसे देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक यहां आते है.

आदिवासी संस्कृति की झलकम्यूजियम के दूसरे हिस्से में जिले की आदिवासी संस्कृति और रियासतकालीन वस्तुओं को दर्शाया गया है. क्षेत्र के गरासिया और अन्य आदिवासी समाज के पारंपरिक जीवन को पुतलों, कलाकृतियों और 3डी झोपड़ियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति और रहन सहन को दिखाया गया हैं.  यहां कई प्राचीन वाद्य यंत्र भी रखें हुए हैं, जिनमें बारली, दामणी, हाथपॉन, और मोरिया जैसे पारंपरिक आभूषण व परिधान  शामिल है. इसके दूसरे बाग में राजस्थान की विभिन्न चित्रकला शैलियों और प्राचीन काल के अस्त्र-शस्त्र जैसे धनुष-बाण, धारिया, तलवारें और कटार को दिखाया गया है.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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Location :

Mount Abu,Sirohi,Rajasthan

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