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CJI सूर्यकांत ने कॉक्रोच के बाद परजीवी किसे कहा, इस बार उनके निशाने पर कौन रहा?

Last Updated:June 17, 2026, 16:30 IST

CJI सूर्यकांत ने साइबर फ्राड आरोपी की जमानत याचिका खारिज की. उन्‍होंने साइबर अपराधियों को निवेशकों का पैसा ठगने वाला परजीवी बताया. सख्त रुख की जरूरत पर जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.CJI सूर्यकांत ने कॉक्रोच के बाद परजीवी किसे कहा?Zoomसाइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज ये बात कही.

नई दिल्ली. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान ऐसा शब्‍द बोल दिया जो चर्चा का विषय बन गया है.हालांकि लोग इस बार चीफ जस्टिस द्वारा कहे गए शब्‍द का समर्थन करते नजर आ रहे हैं. पिछली बार उनके द्वारा कहा गया कॉक्रोच शब्‍द काफी चर्चा में था.आइए जानते हैं कि उन्‍होंने इस बार परजीवी किस कहा है और क्‍यों कहा.

हिन्‍दुस्तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने साइबर अपराधियों पर कड़ी टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने बुधवार को साइबर फ्राड के आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी देशभर में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं.

एएनआई के अनुसार जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से करोड़ों रुपये ठग लेते हो. साइबर अपराधियों के प्रति हमें बेहद सख्त होना होगा. तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.’

अदालत ने माना कि साइबर अपराध देश के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है और इससे काफी संख्या में लोगों को ठगा जा रहा है. इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी.

गौरतलब है कि पिछले एक महीने में यह दूसरा मौका है, जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान किसी आरोपी वर्ग के लिए इतनी कड़ी मौखिक टिप्पणी की है. इससे पहले भी उन्होंने एक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की तुलना ‘काक्रोच’ से की थी.

अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि साइबर ठग अक्सर अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहते हैं, जिससे उनके अपराधों का पता लगाना और जांच करना मुश्किल हो जाता है. कोर्ट ने संकेत दिया कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त रुख अपनाना जरूरी है.

पिछले एक महीने में यह दूसरा मौका है, जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने किसी मामले की सुनवाई के दौरान फैसला सुनाने से पहले ऐसी टिप्पणी की है.

About the AuthorSharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

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