World Environment Day: कमाई भी, भलाई भी! शुरू करें ‘ग्रीन बिजनेस’, सरकार देगी सब्सिडी और सस्ता लोन

Last Updated:June 05, 2026, 23:18 IST
World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अगर आप अपना कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो ‘ग्रीन बिजनेस’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. ग्रीन बिजनेस ऐसे कारोबार होते हैं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसकी रक्षा करने में मदद करते हैं. सोलर एनर्जी, वेस्ट मैनेजमेंट, ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे कारोबार शुरू करने पर सरकार सब्सिडी और विशेष प्रोत्साहन दे रही है.ग्रीन बिजनेस: प्रदूषण घटेगा, बैंक बैलेंस बढ़ेगा (फोटो- एआई)
World Environment Day: आज पूरा विश्व ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मना रहा है. जहां एक तरफ बढ़ता प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ यह युवाओं और नए उद्यमियों के लिए ‘ग्रीन बिजनेस’ के रूप में कमाई का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है. खास बात यह है कि पर्यावरण को फायदा पहुंचाने वाले इन बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार न सिर्फ भारी सब्सिडी दे रही है, बल्कि बैंकों के जरिए बेहद सस्ते और आसान ‘ग्रीन लोन’ भी उपलब्ध करा रही है.
आइए जानते हैं कि आप कौन से ग्रीन बिजनेस शुरू कर सकते हैं और सरकार आपको किस तरह से मदद दे रही है.
सोलर एनर्जी बिजनेसबिजली के बढ़ते बिल और प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार का सबसे बड़ा फोकस सोलर सेक्टर पर है. आप सोलर पैनल डीलरशिप, सोलर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, या सोलर पैनल इंस्टॉलेशन का स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं. सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ और दूसरे रूफटॉप सोलर योजनाओं के तहत कमर्शियल और घरेलू स्तर पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भारी सब्सिडी दी जा रही है. छोटे उद्योगों को इसमें 30% से 40% तक की सब्सिडी मिल जाती है.
रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंटप्लास्टिक, ई-कचरा और सॉलिड वेस्ट को रीसायकल करना आज के समय का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बिजनेस है. आप पुरानी प्लास्टिक बोतलों से कपड़े बनाने, पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों से कीमती धातु निकालने या गीले कचरे से ऑर्गेनिक खाद बनाने का प्लांट लगा सकते हैं. ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के तहत वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार लैंड अलॉटमेंट और प्लांट मशीनरी खरीदने के लिए विशेष ग्रांट और सब्सिडी देती है.
EV चार्जिंग स्टेशन और ई-कचरा मुक्त पैकेजिंगजैसे-जैसे देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, ईवी चार्जिंग स्टेशन्स की मांग भी बढ़ रही है. इसके अलावा, प्लास्टिक पैकेजिंग पर बैन के बाद ‘बायोडिग्रेडेबल’ और पेपर पैकेजिंग का बिजनेस भी जोरों पर है.
क्या हैं ‘ग्रीन लोन’ स्कीम्स और कम ब्याज की शर्तें?ग्रीन लोन ऐसे कर्ज होते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट और बिजनेस के लिए दिए जाते हैं. सरकार और देश के बड़े बैंक ‘ग्रीन फाइनेंसिंग’ के तहत बेहद सस्ते लोन दे रहे हैं. सिडबी (SIDBI) जैसी सरकारी संस्थाएं और एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB) जैसे बैंक ग्रीन प्रोजेक्ट्स के लिए सामान्य बिजनेस लोन की तुलना में 1% से 2% तक कम ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं. ‘क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेस’ (CGTMSE) के तहत कई ग्रीन स्टार्टअप्स को बिना किसी प्रॉपर्टी को गिरवी रखे लोन मिल जाता है. इन लोन को चुकाने के लिए बैंकों की ओर से एक्सट्रा समय (मॉरेटोरियम पीरियड) भी दिया जाता है, ताकि जब तक आपका बिजनेस सेटल हो, तब तक आप पर ईएमआई का बोझ न पड़े.
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