बरसात के मौसम में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से करना चाहिए परहेज? जानें आयुर्वेद का डाइट प्लान

Last Updated:June 17, 2026, 22:57 IST
Best Foods for Rainy Season: बरसात के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाली डाइट लेनी चाहिए. बारिश के मौसम में तले-भुने, बासी और अत्यधिक ठंडे फूड्स से परहेज करना बेहतर माना जाता है. आयुर्वेद में हर ऋतु के अनुसार अलग डाइट बताई गई है.आयुर्वेद में बरसात के मौसम में लिए अलग डाइट प्लान बताया गया है.
Ayurvedic Monsoon Diet Tips: बरसात के मौसम में लोगों को गर्मी से निजात मिलती है, लेकिन सेहत से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं. इस मौसम में हेल्दी रहना काफी चैलेंजिंग होता है. बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है, पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है. यही कारण है कि आयुर्वेद में मानसून के मौसम के लिए विशेष खानपान की सलाह दी गई है. आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में शरीर का पाचन तंत्र थोड़ा मंद हो जाता है. ऐसे में सही खानपान बेहद जरूरी है, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और बीमारियों से बचाव हो सके.
यूपी के हाथरस स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सरोज गौतम ने को बताया वर्षा ऋतु में वात दोष बढ़ने लगता है और जठराग्नि यानी पाचन अग्नि कमजोर पड़ने लगती है. इसका असर खाने के पाचन पर पड़ता है. बरसात में हैवी खाना पचने में समस्या होती है. यही वजह है इस मौसम में भारी, ऑयली और मुश्किल से पचने वाले फूड्स से बचने की सलाह दी जाती है. अगर खानपान में सावधानी न बरती जाए, तो गैस, अपच, पेट दर्द और इंफेक्शन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इस मौसम में आयुर्वेद हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाले भोजन पर जोर देता है.
बरसात में क्या खाना चाहिए?
आयुर्वेद एक्सपर्ट के मुताबिक बारिश के मौसम में ताजा और हल्का भोजन सबसे बेहतर माना जाता है. मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, सूप और हल्की पकी हुई सब्जियां पाचन तंत्र पर कम दबाव डालती हैं और आसानी से पच जाती हैं. घर का ताजा बना भोजन इस मौसम में सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है. अदरक, काली मिर्च, जीरा, हींग और हल्दी जैसे मसाले पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. आयुर्वेद में इनका सीमित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी जाती है. अदरक वाली चाय या खाने में थोड़ा अदरक शामिल करना कई लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है.
बरसात में उबला हुआ या गुनगुना पानी पीना बेहतर माना जाता है. इससे पाचन तंत्र को सहारा मिल सकता है और पानी से होने वाले इंफेक्शन का खतरा भी कम हो सकता है. तुलसी, अदरक और दालचीनी से बनी हर्बल ड्रिंक्स भी कई लोगों की पसंद होती हैं. आयुर्वेद में बारिश के मौसम में अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है. लौकी, तोरी, परवल और कद्दू जैसी सब्जियां हल्की मानी जाती हैं और पाचन के लिए आसान हो सकती हैं.
किन चीजों से करना चाहिए परहेज?
डॉक्टर की मानें तो बरसात में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनप सकते हैं. इसलिए लंबे समय तक खुले में रखे सलाद, कटे हुए फल और स्ट्रीट फूड से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. पकौड़े, चिप्स, समोसे और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर ये पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ा सकते हैं. आयुर्वेद में बासी खाने को सेहत के लिए सही नहीं माना गया है. खासकर बारिश के मौसम में लंबे समय तक रखा हुआ खाना जल्दी खराब हो सकता है और संक्रमण का कारण बन सकता है. बहुत ठंडी ड्रिंक्स या बर्फ वाली ड्रिंक्स कुछ लोगों में पाचन को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए इस मौसम में गुनगुने या सामान्य तापमान वाली ड्रिंक्स बेहतर मानी जाती हैं.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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