बेटियों का वॉलेट: घर बैठे होगी कमाई, सरकार देगी 3 लाख रुपये, जानें कैसे करें अप्लाई

देशभर की बेटियां आज छोटे से बड़े बिजनेस तक में अपनी छाप छोड़ रही है. उद्योगिनी योजना भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की एक पहल है. इसके तहत पात्र महिलाओं को अपना छोटा कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे काम को बढ़ाने के लिए ₹3 लाख तक का लोन मिल सकता है. खास बात यह है कि इस लोन के लिए किसी संपत्ति को गिरवी रखने या गारंटी देने की जरूरत नहीं होती.
यह योजना खास तौर पर उन महिलाओं के लिए मददगार हो सकती है, जो सिलाई-कढ़ाई, खाने-पीने का सामान बनाने, हस्तशिल्प, छोटी दुकान या दूसरे छोटे कारोबार शुरू करना चाहती हैं. लोन के साथ कुछ पात्र महिलाओं को सब्सिडी का फायदा भी मिल सकता है. हालांकि, योजना का फायदा लेने के लिए उम्र, परिवार की आय और पुराने कर्ज से जुड़े कुछ नियम पूरे करना जरूरी है.
₹3 लाख तक का फायदा
उद्योगिनी योजना के तहत एलिजिबल महिलाओं को अधिकतम ₹3 लाख तक का लोन मिल सकता है. लोन की खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह की संपत्ति गिरवी रखने या गारंटर देने की जरूरत नहीं होती.
सामान्य कैटेगरी की पात्र महिलाओं को लोन पर 30% तक सब्सिडी मिल सकती है. वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए सब्सिडी 50% तक हो सकती है. विधवा, दिव्यांग और बेसहारा महिलाओं के लिए ब्याज दर में विशेष राहत का प्रावधान है. कुछ मामलों में इन महिलाओं को बहुत कम या बिना ब्याज के लोन की सुविधा मिल सकती है.
यह योजना छोटे कारोबार से जुड़े कई सेक्टर्स को कवर करती है. इसमें खाने-पीने की चीजें बनाना, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, खुदरा कारोबार और दूसरी काम शामिल हैं. योजना के तहत 88 तरह के छोटे उद्योगों के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है.
कौन महिलाएं ले सकती हैं योजना का फायदा?
उद्योगिनी योजना का फायदा केवल महिला आवेदक ही ले सकती हैं. इसके लिए महिला की उम्र 18 से 55 साल के बीच होनी चाहिए. परिवार की सालाना आय ₹1.50 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
हालांकि, विधवा, बेसहारा और दिव्यांग महिलाओं के लिए आय की इस सीमा में राहत या छूट का प्रावधान हो सकता है. इसके अलावा आवेदक का पुराना क्रेडिट रिकॉर्ड भी साफ होना चाहिए. यानी अगर महिला ने पहले किसी बैंक या वित्तीय संस्था से कर्ज लिया है और उसे डिफॉल्ट किया है, तो वह योजना के लिए एलिजिबल नहीं मानी जा सकती.
इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और संबंधित बैंक के नियम जरूर जांच लेना चाहिए.
कौन से डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए?
इस योजना के लिए अप्लाई करने वाली महिला को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स देने होंगे. इनमें आधार कार्ड या वोटर आईडी, आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं. इसके अलावा जिस कारोबार के लिए लोन लिया जाना है, उसकी एक साधारण प्रोजेक्ट या बिजनेस रिपोर्ट भी देनी पड़ सकती है.
योजना में अप्लाई के लिए महिला नजदीकी सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक से संपर्क कर सकती है. बैंक आवेदन और डॉक्यूमेंट्स की जांच करने के बाद लोन से जुड़े प्रोसेस को आगे बढ़ाता है.
कैसे करें अप्लाई?
सबसे पहले जरूरी डॉक्यूमेंट्स लेकर नजदीकी बैंक जाएं और आवेदन फॉर्म भरें.
फॉर्म बैंक, संबंधित कार्यालय या योजना की आधिकारिक वेबसाइट से लिया जा सकता है.
भरा हुआ फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स बैंक या संबंधित ब्रांच में सबमिट करें.
बैंक डॉक्यूमेंट्स और बिजनेस प्लान की जांच करने के बाद लोन आवेदन को आगे बढ़ाएगा.
लोन मंजूर होने के बाद रकम आपके बैंक अकाउंट या मशीनरी, सामान के सप्लायर के अकाउंट में भेजी जा सकती है.
उद्योगिनी योजना से जुड़ी जानकारी पाने के लिए UMANG ऐप/पोर्टल और myScheme पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है. यहां योजना की जानकारी और आवेदन से जुड़ी प्रोसेस के बारे में पता लगाया जा सकता है. यानी अगर आप अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहती है लेकिन पैसे की कमी है, तो उद्योगिनी योजना उसके लिए मददगार हो सकती है.



