Rajasthan

धौलपुर की बड़ी सौगात! रामसागर-तालाबशाही को मिल सकता है वेटलैंड का दर्जा, बढ़ेगा पर्यटन

Last Updated:June 18, 2026, 09:48 IST

Dholpur Ramsagar Sanctuary: धौलपुर के रामसागर सेंचुरी और तालाबशाही जलाशय को जल्द ही वेटलैंड का दर्जा मिल सकता है. वन विभाग ने दोनों स्थलों के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया है. ये क्षेत्र लंबे समय से स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण आवास रहे हैं, जहां हर साल करीब 150 प्रजातियों के पक्षी पहुंचते हैं. वेटलैंड घोषित होने से पक्षियों को बेहतर संरक्षण मिलेगा और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जा सकेगा. साथ ही जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा.

ख़बरें फटाफट

वेटलैंड बनने की राह पर धौलपुर के दो बड़े जलाशय, इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावाZoom

धौलपुर. राजस्थान के धौलपुर जिले के रामसागर सेंचुरी और तालाबशाही जलाशय जल्द ही वेटलैंड घोषित हो सकते हैं. वन विभाग ने दोनों स्थानों को वेटलैंड का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया है. विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है.

रामसागर और तालाबशाही लंबे समय से स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आवास रहे हैं. हर साल सर्दियों के मौसम में देश और विदेश से बड़ी संख्या में माइग्रेटरी बर्ड्स यहां पहुंचती हैं. इन जलाशयों में पर्याप्त पानी, मछलियां और अन्य जलीय जीव उपलब्ध होने के कारण पक्षियों को भोजन और सुरक्षित वातावरण आसानी से मिल जाता है.

यहां हर वर्ष करीब 150 प्रजातियों के पक्षी आते हैं

पक्षी प्रेमी राजीव तोमर का कहना है कि रामसागर और तालाबशाही में वेटलैंड घोषित होने के सभी जरूरी मानक मौजूद हैं. यहां हर वर्ष करीब 150 प्रजातियों के पक्षी आते हैं. हालांकि, संरक्षण के अभाव में कई बार पक्षियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मछुआरों और किसानों की गतिविधियों के कारण इनके प्रवास पर भी असर पड़ता है. वेटलैंड का दर्जा मिलने के बाद इन पक्षियों को बेहतर संरक्षण मिल सकेगा. वाइल्डलाइफ रेंजर दीपक मीणा ने बताया कि रामसागर और तालाबशाही में हर साल सर्दियों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं. करीब दो से तीन सप्ताह पहले वेटलैंड घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. यदि प्रस्ताव में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे पूरा कर दोबारा भेजा जाएगा. इसके बाद वेटलैंड घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

इको-टूरिज्म और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

वेटलैंड का दर्जा मिलने से क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण को मजबूती मिलेगी. साथ ही इन जलाशयों के विकास और संरक्षण के लिए विशेष बजट मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी. इससे इको-टूरिज्म और प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं. वेटलैंड घोषित होने के बाद रामसागर और तालाबशाही न केवल प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय बनेंगे, बल्कि धौलपुर जिले की प्राकृतिक पहचान को भी नई पहचान मिलेगी. इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकेगा.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Dhaulpur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj